चंद्रबनी भूमि विवाद में भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब में सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में चंद्रबनी क्षेत्र के दो परिवारों ने भूमि विवाद को लेकर भाजपा विधायक विनोद चमोली, कुछ स्थानीय पार्षदों तथा अन्य व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए। प्रेस वार्ता में दिनेश कुमार, रामकिशन, रामस्वरूप तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।

दिनेश कुमार ने दावा किया कि चंद्रबनी स्थित लगभग तीन बीघा भूमि उनकी पैतृक संपत्ति है, जिसके सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय लोग उक्त भूमि को ग्राम समाज की भूमि बताकर उस पर दावा कर रहे हैं, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक संरक्षण के चलते उनकी संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान दिनेश कुमार ने अपने दादा के सैन्य सम्मान और पदक भी प्रदर्शित किए। उनका कहना था कि उनके दादा ने भारत-चीन तथा भारत-पाकिस्तान युद्धों में देश की सेवा की थी तथा यह भूमि उनके पूर्वजों को भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई थी।

वहीं रामकिशन ने स्पष्ट किया कि उनकी भूमि का विवाद दिनेश कुमार की संपत्ति से अलग है। उन्होंने बताया कि उनके मामा रामनाथ की मृत्यु के बाद वसीयत के माध्यम से भूमि उनके हिस्से में आई। उनका आरोप है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में हुई सीमांकन एवं मीनारबंदी की कार्रवाई के दौरान प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों की भूमि को एक साथ चिह्नित कर दिया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि भूमि विवाद के दौरान रामकिशन और उनके परिवार के सदस्यों के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया तथा अभद्र व्यवहार किया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस प्राथमिकी में दर्ज नामों का उल्लेख शिकायतकर्ताओं द्वारा किया गया।

दिनेश कुमार ने भाजपा विधायक विनोद चमोली पर आरोप लगाते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण उनकी निजी भूमि को ग्राम समाज की भूमि के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

प्रेस वार्ता में उपस्थित उत्तराखंड टाइगर फोर्स के केंद्रीय अध्यक्ष ललित उत्तराखंडी ने भी पीड़ित परिवारों का समर्थन करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी की वैध संपत्ति पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है तो यह गंभीर विषय है और पुलिस को “ऑपरेशन प्रहार” जैसी कार्रवाई के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।

पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच तथा भूमि अभिलेखों की सत्यता के आधार पर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।

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