कर्णप्रयाग हिंसा पर उक्रांद का सरकार पर हमला, निष्पक्ष जांच और अवैध निर्माणों की जांच की उठाई मांग

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्रीय महामंत्री एवं तराई मंडल प्रभारी राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कर्णप्रयाग और नगरासु में हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग में कुछ लोगों और सिख निहंगों के बीच हुई कहासुनी का हिंसक रूप लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उत्तराखंड की संस्कृति हमेशा “अतिथि देवो भव:” की रही है और उक्रांद किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता।

बिष्ट ने आरोप लगाया कि घटना के बाद नगरासु गुरुद्वारे में निहंगों द्वारा कब्जा कर सेवादारों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के बावजूद उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों पर निष्पक्ष कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। साथ ही सोशल मीडिया पर पहाड़वासियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की।

उक्रांद नेता ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण और विकास में सिख समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और राज्य में रहने वाले सिख समाज ने हमेशा सामाजिक समरसता को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वाले तत्व किसी भी धर्म या समुदाय के हों, वे समाज और देश के लिए घातक हैं।

प्रेसवार्ता में उक्रांद ने कर्णप्रयाग घटना की निष्पक्ष जांच, धार्मिक यात्राओं में बिना साइलेंसर वाले दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई, सिख धार्मिक स्थलों के लिए श्राइन बोर्ड गठन, रुद्रप्रयाग में कथित अवैध निर्माणों की जांच तथा गोविंदघाट में सरकारी भूमि पर हुए निर्माण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

धार्मिक यात्रा या पर्यटन के नाम पर कोई भी आराजक तत्व यदि यहाँ के वातावरण को दूषित करने का प्रयास करता है तो क्षेत्रीय दल एवं नैतिक जिम्मेदारी के नाते हम माकूल जवाब देंगे, साथ ही उक्रांद माँग करता है कि –

1-जिस प्रकार कर्णप्रयाग की घटना में कल स्थानीय लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है एक तरफ सिक्ख निहंग तलवारे लहरा रहे हैं उसको आत्मरक्षा का नाम दिया जा रहा है और जो स्थानीय लोगों ने बचाव किया तो पहाड़ की जनता के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है, यह न्यायसंगत नहीं हैं, इस घटना की निष्पक्ष जाँच हो,

2- यह एक धार्मिक यात्रा हैं, अतः दो पहिया वाहन जो बिना साइलेंसर के हो उनका चालान किया जाए ताकि संवेदनशील पहाडों पर ध्वनि प्रदूषण ना हो।

3- इस राज्य निर्माण में सिक्ख समुदाय का विशेष योगदान है, अतः हेमकुंड साहेब सहित जितने भी सिक्खों के धार्मिक स्थल हैं वहाँ पर श्राइन बोर्ड हो तथा उसका अधिकार हमारे उधमसिंहनगर, हरिद्वार, देहरादून, किच्छा के सिक्ख भाइयों के हाथ में हो। तथा उक्रांद यह घोषणा करता है कि हमारी सरकार आने पर इसका पूर्ण अधिकार राज्य के मूल सिक्ख भाइयों के पास होगा।

4- उक्रांद राज्य में किसी भी प्रकार की गैर कानूनी कार्य, हिंसा, निर्माण का विरोध करता है, चूंकि रुद्रप्रयाग में निर्मित 13 मंजिले आलीशान गुरुद्वारे का निर्माण किया जा रहा है, जबकि जिला प्राधिकरण में आने वाले किसी किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत 20 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता, लेकिन इस प्रकार के निर्माण की अनदेखी करना रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी एवं समस्त प्रशासनिक टीम की कार्य करने शैली स्पष्ट करता है, उक्रांद इसकी जाँच की माँग करता है।

5- एक ओर नदियों के किनारे 100 मीटर के दायरे में निर्माण कार्य पर रोक है, लेकिन यह इमारत नदी से मात्र 10 मीटर के दायरे में हैं, क्या एनजीटी इस प्रकार के निर्माण को अपनी सहमति देकर अवैध निर्माण कार्यों को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है।

6- गोविंदघाट में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कार्य किया गया है, इसकी निष्पक्ष जांच हो, ताकि धार्मिकता के आधार पर कोई भी समुदाय सरकारी जमीन पर कब्जा ना करे।

इस अवसर पर केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण, केंद्रीय महामंत्री राजेश्वरी देवी, केंद्रीय महामंत्री रमा चौहान, प्रकाश भट्ट आदि उपस्थित रहे।

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