मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
नन्हीं परी हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता को सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं, जिससे उनका और उनके परिवार का जीवन असुरक्षित हो गया है।
अधिवक्ता ने कहा कि मामले की पैरवी करने के कारण उन्हें लगातार दबाव और डराने-धमकाने के संदेश मिल रहे हैं। इस पर न्यायालय ने प्रशासन को तुरंत सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश दिए ताकि अधिवक्ता बिना किसी भय के मामले की सुनवाई में अपना पक्ष रख सकें।
हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर फैल रही धमकी भरी पोस्टों को गंभीर अपराध की श्रेणी में माना और पुलिस व साइबर सेल को निर्देश दिया कि ऐसे तत्वों को तत्काल चिन्हित कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी को भी न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने या दहशत फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
न्यायालय ने टिप्पणी की कि न्याय की राह में बाधा डालने वाले लोग समाज के लिए खतरनाक हैं और इस तरह की हरकतें न केवल कानून का उल्लंघन हैं बल्कि पीड़ित परिवार के साथ भी अन्याय है। अदालत ने प्रशासन से साफ कहा कि अधिवक्ता और उनके परिवार की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पीड़ित परिवार ने अदालत के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि इससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है। परिवार का कहना है कि वकील पर हो रहे हमले और धमकियां वास्तव में न्याय की प्रक्रिया को रोकने का प्रयास हैं, जिसे अब अदालत ने गंभीरता से लिया है।
साइबर सेल ने भी कोर्ट के निर्देश के बाद अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और धमकी भरे संदेश फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कार्रवाई सामने होगी।
इस फैसले ने न केवल पीड़ित पक्ष को राहत दी है बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा के प्रति अदालत की संवेदनशीलता को भी सामने रखा है। अब उम्मीद है कि इस मामले की सुनवाई निर्भीक माहौल में आगे बढ़ सकेगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।
