मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून नगर निगम वेतन घोटाला ने पूरे शहर को हिला दिया है। निगम के 31 वार्डों में जांच के दौरान 99 फर्जी सफाई कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। भौतिक सत्यापन में ये कर्मचारी कहीं दिखाई नहीं दिए, लेकिन उनके नाम पर वेतन सालों से जारी रहा। इस धोखाधड़ी से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
यह घोटाला जून 2019 के बाद शुरू हुआ, जब निगम ने डीबीटी की व्यवस्था खत्म कर सीधे स्वच्छता समितियों को भुगतान करना शुरू कर दिया। समितियों ने कर्मचारियों की सूचियां भेजीं, मगर नगर निगम ने उनकी सही तरीके से जांच नहीं की। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर फर्जी नामों को जोड़ा गया और नियमित वेतन निकाल लिया गया।
उप नगर आयुक्त (विधि) गौरव भसीन ने निगम प्रशासन की ओर से पुलिस को तहरीर दी। इसमें स्पष्ट किया गया कि मौके पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जबकि फाइलों में उनका वेतन भुगतान होता रहा। पुलिस ने इस पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अनुमान है कि घोटाले की राशि लगभग 80 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
जांच के दायरे में अब स्वच्छता समितियों के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष आ गए हैं। उनसे पूछताछ कर बैंक खातों और हस्ताक्षरों की जांच की जा रही है। इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। शहरवासी भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गड़बड़ी सालों तक बिना निगरानी के कैसे चलती रही।
