मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
नई दिल्ली। कहते हैं, अगर सोच अलग हो और मेहनत सच्ची हो, तो साधारण चीज़ों से भी बड़ा काम किया जा सकता है। राजधानी के दो युवाओं ने इसका जीता-जागता उदाहरण पेश किया है। इन्होंने पुराने और बेकार जूतों को रीसायकल कर एक नई पहचान बनाई और अब इनका स्टार्टअप करोड़ों का टर्नओवर कर रहा है।
दोनों दोस्तों ने कॉलेज के दिनों में देखा कि हर साल लाखों टन पुराने जूते और फुटवियर डंपिंग यार्ड में फेंक दिए जाते हैं। ये न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि प्लास्टिक और रबर जैसी सामग्री बर्बाद हो जाती है। इसी सोच ने उन्हें रीसायकलिंग बिज़नेस शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
स्टार्टअप की शुरुआत छोटे स्तर से हुई थी। उन्होंने स्थानीय इलाकों से पुराने जूते इकट्ठा कर उन्हें नए डिज़ाइन और आकर्षक अंदाज में बदलना शुरू किया। धीरे-धीरे इन जूतों की डिमांड बढ़ती गई और अब उनकी कंपनी देश के कई बड़े शहरों में सप्लाई कर रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इनके प्रोडक्ट्स की खासी लोकप्रियता है।
आज इनका स्टार्टअप न सिर्फ युवाओं को रोजगार दे रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी मिसाल बन गया है। कंपनी का टर्नओवर कुछ ही सालों में करोड़ों तक पहुंच गया है। इन दोनों दोस्तों की सोच ने यह साबित कर दिया कि जज्बा और नवाचार हो तो ‘कचरा भी खजाना’ बन सकता है।
