मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को सहेजने का संकल्प लिए भव्य रामलीला महोत्सव 2025 का शुभारंभ घंटाघर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से कलश यात्रा के साथ हुआ। श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून द्वारा आयोजित यह महोत्सव इस बार रेसकोर्स स्थित श्री गुरुनानक मैदान में 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा।
कलश यात्रा में गढ़वाल के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, देव डोली, ढोल–दमाऊ, शिव–ढोल, मृदंग–ढोलक और पंजाबी ढोल का अद्भुत संगम देखने को मिला। घोड़े, बग्गी, बैंड-बाजे और भगवान राम दरबार व भगवान वाल्मीकि की झांकी ने यात्रा को भव्य रूप दिया। शहर के 12 प्रमुख स्थानों पर पुष्पवर्षा और प्रसाद वितरण के साथ यात्रा का स्वागत किया गया।
समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर ने बताया कि टिहरी जलमग्न होने के बाद इस ऐतिहासिक रामलीला को देहरादून में पुनर्जीवित किया गया है। पिछले वर्ष 55 लाख से अधिक दर्शकों ने मंचन का आनंद लिया था, जबकि इस बार पहली बार Laser और Sound Show के जरिए गढ़वाल के इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
महोत्सव में रामलीला मंचन के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी। भजन संध्या, पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भव्य मेला और 2 अक्टूबर को रावण, कुम्भकर्ण व मेघनाथ के पुतला दहन का आयोजन विशेष आकर्षण होंगे।
इतिहास में पहली बार इस रामलीला का Digital Live Telecast System से प्रसारण किया जाएगा, जिसे 75 लाख से अधिक लोग देख सकेंगे। आधुनिक डिजिटल स्क्रीन और तकनीक के माध्यम से दर्शकों को नया अनुभव मिलेगा। कलश यात्रा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
