मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
“ राहुल गांधी पर FIR तत्काल वापस लो, खड़गे के अपमान करने वालों पर तत्काल FIR दर्ज करो” — अभिनव थापर
उत्तराखंड कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों के संघर्ष और प्रयासों से समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और सामाजिक एकजुटता की मजबूत नींव तैयार की है। आज जब सभी समाज के लोग साथ बैठकर, साथ खाकर और एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ जैसी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और समाज को बांटने वाली मानसिकता का प्रतीक है।
इस घटना से पूरे समाज में रोष है। ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय दलितों, वंचितों और गरीबों की आवाज उठाने वाले श्री राहुल गांधी जी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई।
अभिनव थापर ने कहा कि हल्द्वानी के जिस थाने में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई, उसी थाने में इस प्रकरण को लेकर 18 तारीख से शिकायत लंबित है, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह दोहरा रवैया कई गंभीर सवाल खड़े करता है और भाजपा की समाज को बांटने वाली मानसिकता को उजागर करता है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ कानूनी, लोकतांत्रिक और सड़क—तीनों स्तरों पर मजबूती से संघर्ष करेगी।
अभिनव थापर ने स्पष्ट मांग करते हुए कहा कि राहुल गांधी जी पर दर्ज FIR तत्काल वापस ली जाए। साथ ही, रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ का आयोजन कर उनका अपमान करने वाले लोगों के खिलाफ उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तत्काल FIR दर्ज की जाए तथा पूरे प्रकरण में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
