मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
- चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में आई भीषण आपदा का आज तीसरा दिन है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोगों की तलाश अभी भी जारी है। प्रभावित गांवों में दहशत और भय का माहौल बना हुआ है।
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को नंदानगर पहुंचे और आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम धामी ने प्रशासन को राहत व बचाव कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
- एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मलबा हटाने और लापता लोगों को खोजने का काम लगातार कर रही हैं। राहत कार्यों में स्थानीय लोग भी सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश बचाव अभियान में बाधा बन रही है, जिससे प्रशासन को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
- आपदा से प्रभावित ग्रामीणों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं। वहां भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही, घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने का आश्वासन दिया गया है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा प्रभावित इलाके में भू-धंसाव और भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। वहीं, प्रभावित गांवों की सड़कों और संचार व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
- लोगों का कहना है कि यह आपदा पिछले कई वर्षों में सबसे गंभीर रही है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि न केवल तत्काल राहत दी जाए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस और स्थायी कदम भी उठाए जाएं।
