सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर AAP का हमला, बोली— सरकारी डॉक्टर भी प्राइवेट अस्पताल में करा रहे इलाज

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल – AAP

“सरकारी डॉक्टर भी सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं कराते, यह उत्तराखंड के लिए काला अध्याय” – उमा गौड़ सिसोदिया

देहरादून।

आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने आज उत्तराखंड की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल जी का खुद का फेसबुक पोस्ट इस बात का प्रमाण है कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति कितनी खराब है।

उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि “स्वास्थ्य मंत्री ने फेसबुक पर लिखा कि वे डॉक्टर पांडे का हालचाल पूछने मैक्स अस्पताल गए। मेरा सवाल है कि अगर दून अस्पताल और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाएं इतनी अच्छी हैं, तो सरकारी डॉक्टर अपना इलाज कराने के लिए मैक्स जैसे प्राइवेट अस्पताल क्यों जाते हैं?”

उन्होंने आगे कहा कि “क्या सरकारी अस्पताल सिर्फ गरीबों के लिए रह गए हैं? अगर अस्पताल की व्यवस्था मैक्स से भी बेहतर होती तो हमारे डॉक्टर पांडे वहीं इलाज कराते। पहाड़ों में तो स्वास्थ्य सेवाओं का और भी बुरा हाल है ।
यह उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक काला अध्याय है।”

प्रदेश अध्यक्षा ने मीडिया के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि आप गर्व से पोस्ट करने की बजाय प्रदेश की जनता को यह बताएं कि उत्तराखण्ड के अस्पतालों की चरमराई व्यवस्था को कब सुधारेंगे। जनता टैक्स इसलिए नहीं देती कि सरकारी डॉक्टर भी इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल जाएं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार सरकारी अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं, डॉक्टर और दवाइयां तुरंत उपलब्ध कराएं, ताकि आम जनता के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों को भी वहीं इलाज मिल सके।

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