श्री रामलीला ट्रस्ट द्वारा किया गया रावण पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

जनपद शामली जलालाबाददशहरा मैदान में श्री रामलीला ट्रस्ट द्वारा रावण के पुतले के दहन का आयोजन किया गया। इस वर्ष चालीस फुट ऊंचाई का रावण व लंका का पुतला स्थापित किया गया।

दोपहर बाद राम श्री रामलीला ट्रस्ट से लाला बृजमोहन सिंघल, पप्पू सैनी,रामलीला कमेटी से सुनहरा कोरी, जनेश्वर सैनी, निर्देशक राजकुमार रूहेला, देवराज जुनेजा ने राम-रावण युद्ध के आयोजन का शुभारंभ कराया। घंटो तक दशहरा मैदान में राम- रावण व उनकी सेनाओं के बीच युद्ध चलता रहा।

दशहरा मैदान में दोनों के बीच रोमांचक युद्ध को देखने के लिए कस्बे व आसपास गांव के ग्रामीण हजारों की संख्या में युद्ध के दृश्य को देखते रहे। विभीषण ने अंत में श्री राम को बताया कि रावण की नाभि में तीर मारने से इसका अंत हो सकेगा। सूर्यास्त होने से पूर्व श्री राम ने रावण के पुतले में तीर मारा, रावण का पुतला धूं-धूं जल उठा, साथ में लंका दहन हो गई।

पटाखों की आवाज से दशहरा मैदान गूंज उठा। असत्य पर सत्य की जीत को देखने के लिए हजारों की भीड़ उपस्थित रही। दशहरा मैदान श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। अंत में रावण की बांस की अस्थियों को ले जाने के लिए दर्शकों के बीच रस्सा कशी युद्ध चलता रहा।

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण किया। बता दें कि रावण की बांस की अस्थियां घर में पूरे वर्ष रखना शुभ माना जाता है। इसलिए प्रतिवर्ष यह परंपरा, यहां पर आयोजित होती है। पंचवटी में बैठी सीता को लेने के लिए श्री राम-लक्ष्मण-हनुमान पहुंचे। यहां पर आरती उतार कर कार्यक्रम का समापन किया गया। चौदस तक श्री दुर्गा देवी मंदिर कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष की तरह मेला आयोजित कराया जा रहा है।

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