मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त चैम्बर उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन की आगामी आम सभा में प्रस्ताव लाने की मांग की गई है। इस संबंध में अध्यक्ष और सचिव को ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार से चैम्बर निर्माण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना और बजटीय प्रावधान घोषित करने का आग्रह किया गया है।
देश के अनेक राज्यों की सरकारों ने अधिवक्ताओं के लिए बजटीय प्रावधान कर चैम्बर एवं बार भवनों के निर्माण हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है।
⏺️ उत्तर प्रदेश – अधिवक्ता कल्याण एवं न्यायिक अवसंरचना योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न जनपदों में अधिवक्ता चैम्बर एवं बार भवनों के निर्माण हेतु बजट आवंटित किया गया है।
⏺️ बिहार – राज्य सरकार द्वारा जिला न्यायालय परिसरों में अधिवक्ताओं के लिए बार भवन एवं चैम्बर निर्माण हेतु नियमित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती रही है।
⏺️ मध्य प्रदेश – राज्य सरकार द्वारा अधिवक्ता कल्याण योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न न्यायालय परिसरों में बार भवन एवं चैम्बर निर्माण के लिए बजटीय सहायता दी गई है।
⏺️ राजस्थान – राज्य सरकार द्वारा अनेक जिला न्यायालयों में अधिवक्ता चैम्बर एवं बार भवन निर्माण के लिए विशेष बजट स्वीकृत किया गया है।
⏺️ छत्तीसगढ़ – अधिवक्ताओं हेतु बार भवन एवं चैम्बर निर्माण के लिए राज्य सरकार समय-समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती रही है।
⏺️ झारखंड – विभिन्न न्यायालय परिसरों में अधिवक्ताओं के लिए बार भवन एवं चैम्बर निर्माण हेतु राज्य सरकार द्वारा बजटीय सहायता प्रदान की गई है।
जब अन्य राज्य सरकारें अधिवक्ताओं के लिए आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु बजटीय प्रावधान कर सकती हैं, तो उत्तराखण्ड राज्य में भी अधिवक्ताओं को ऐसी सुविधाएँ उपलब्ध कराया जाना राज्य का दायित्व है।
ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ताओं की बढ़ती संख्या के बावजूद पर्याप्त चैम्बर नहीं होने से विशेषकर नवोदित वकीलों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि बार एसोसिएशन की आगामी आम सभा में इस मुद्दे को एजेंडा में शामिल कर राज्य सरकार से अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त चैम्बर निर्माण हेतु समयबद्ध कार्ययोजना और बजटीय प्रावधान की मांग की जाए।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार निर्धारित समय में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो अधिवक्ताओं के हित में उत्तराखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की जाएगी। इसके लिए आवश्यक विधिक कार्रवाई करने हेतु अध्यक्ष, सचिव या आम सभा द्वारा अधिकृत समिति को अधिकार देने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
