मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
रिपोर्ट शाहनवाज खान
कलियर में एसटीएफ का बड़ा एक्शन, ट्रामाडोल कैप्सूल और कोडीन सिरप के साथ कॉस्मेटिक स्टोर संचालक गिरफ्तार
हरिद्वार। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के क्रम में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने हरिद्वार के कलियर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉस्मेटिक की दुकान की आड़ में संचालित किए जा रहे कथित अवैध नशे के कारोबार का खुलासा किया है।
एसटीएफ ने ड्रग इंस्पेक्टर के साथ संयुक्त छापेमारी के दौरान एहतिशाम कॉस्मेटिक जनरल स्टोर पर दबिश दी। कार्रवाई में दुकान संचालक अहतशाम उल हक पुत्र शहीद, निवासी बुड्ढा हैदी, थाना पथरी, जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से व्यावसायिक मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप (लगभग 3.9 किलोग्राम) तथा ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए।
18 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल बरामदगी से जुड़ा कनेक्शन
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी का संबंध एसटीएफ द्वारा पूर्व में उजागर किए गए 18 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल बरामदगी मामले से भी जुड़ा हुआ है। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां प्रदेश में सक्रिय कथित ड्रग्स नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
कई ठिकानों पर चली संयुक्त छापेमारी
एसटीएफ, एएनटीएफ और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने कलियर क्षेत्र के कई संदिग्ध ठिकानों, गोदामों और संभावित भंडारण स्थलों पर भी तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान प्रतिबंधित दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक भी बरामद किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा इन दवाओं को निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर अवैध रूप से बेचकर मुनाफा कमाने की बात सामने आई है।
पुराने मामलों की भी जांच
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जेल जा चुका है। वर्ष 2019 में उसके विरुद्ध थाना स्तर पर धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। अब जांच एजेंसियां उसके अन्य सहयोगियों, सप्लायरों तथा पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी गहन जांच कर रही हैं।
‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान रहेगा जारी
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। एसटीएफ का कहना है कि प्रदेश में नशा तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने युवाओं से नशे से दूर रहने और किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी का हिस्सा न बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी नशे के कारोबार की सूचना मिले तो तत्काल स्थानीय पुलिस या एसटीएफ को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशा माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कार्रवाई में शामिल टीम
इस संयुक्त अभियान में निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा, ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह, उपनिरीक्षक कमाल हसन, उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी, हेड कांस्टेबल मनमोहन, कांस्टेबल दीपक नेगी सहित एसटीएफ, एएनटीएफ एवं ड्रग विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नोट: इस समाचार में वर्णित सभी आरोप पुलिस एवं एसटीएफ की प्रेस विज्ञप्ति तथा प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
