मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब देहरादून की रसोई तक महसूस होने लगा है। राजधानी दून में एलपीजी गैस की किल्लत के चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सिलिंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं, इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पा रही है।
दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से की जा रही है और उपभोक्ताओं को घर तक सिलिंडर पहुंचाया जा रहा है। हालांकि उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें मोबाइल के जरिए गैस बुकिंग करने में भी दिक्कत आ रही है।
बुधवार को शहर के कई गैस गोदामों और एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ देखने को मिली। लोग सुबह से ही बुकिंग नंबर पर कॉल करते रहे, लेकिन कई बार कॉल कनेक्ट नहीं हुई। जिन लोगों ने पहले से बुकिंग करा रखी थी, वे भी असमंजस में एजेंसियों का रुख करते दिखे कि उन्हें सिलिंडर मिल पाएगा या नहीं।
नया गांव स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह आठ बजे से ही लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी, जो दोपहर बाद तक जारी रही। एजेंसी की ओर से करीब 320 उपभोक्ताओं को सिलिंडर वितरित किए गए, लेकिन स्टॉक खत्म होने के कारण 60 से अधिक लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। शहर की अन्य कई गैस एजेंसियों पर भी इसी तरह के हालात देखने को मिले।
उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कई दिनों से गैस बुकिंग में परेशानी आ रही है। जब बुकिंग ही नहीं हो पा रही है तो सिलिंडर मिलने को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। इसी कारण लोग एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी संकट
घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह गैस मिल भी रही है, लेकिन वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों जैसे होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में गैस आपूर्ति प्रभावित हो गई है। जिले में करीब 19 हजार से अधिक वाणिज्यिक गैस कनेक्शन हैं और हर महीने लगभग 40 हजार से ज्यादा सिलिंडरों की खपत होती है। आपूर्ति बाधित होने से रेहड़ी-पटरी संचालक, होटल और ढाबा संचालक चिंतित हैं, क्योंकि गैस खत्म होने पर उनके कारोबार पर ताला लगने की नौबत आ सकती है।
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने कहा कि जिले में गैस की आपूर्ति लगातार की जा रही है। कुछ लोग अनावश्यक रूप से भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को गैस बुक कर धैर्य रखना चाहिए, एजेंसियां घर तक सिलिंडर पहुंचा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन की नजर है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
