मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग ने राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान “नवरात्रि – नवशक्ति नवसंकल्प” के तहत झाझरा पंचायत भवन, देहरादून में “सफल महिला उद्यमियों के साथ चर्चा कार्यक्रम” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्यमिता के माध्यम से समाज और अर्थव्यवस्था में सशक्त योगदान देने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में विभिन्न महिला उद्यमियों ने अपनी यात्रा, अनुभव और प्रेरक कहानियाँ साझा कीं, जिससे उपस्थित महिलाओं को नई राह और अवसरों की जानकारी मिली।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि महिलाएँ आज गृहस्थी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, एनएसआईसी महिला उद्यमिता योजनाएँ, महिला उद्यम निधि योजना, ड्रोन दीदी योजना और लखपति दीदी योजना जैसी पहल महिलाओं के लिए नई संभावनाएँ खोल रही हैं।
कार्यक्रम में महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। दीपा बछैती, बालाजी क्लस्टर की अध्यक्ष, ने बताया कि उनके क्लस्टर से जुड़ी 100 से अधिक महिलाएँ अचार, पापड़, टेक-होम राशन, घी, दूध, सिलाई और बुनाई के कार्य कर रही हैं और लगभग सभी की मासिक आय 20 हजार रुपये तक पहुँच चुकी है। इसी तरह, उद्यमी पूनम ने मुद्रा लोन से डिजिटल बोर्ड के माध्यम से ट्यूशन सेंटर शुरू किया, जिसमें प्रतिमाह 40 से 50 हजार रुपये की आय हो रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित वैष्णवी ने बताया कि सरकारी योजना से लोन लेकर उन्होंने विभिन्न प्रकार के नमक तैयार किए और अब उनका उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेज़ॉन पर भी बिक रहा है, जिससे उन्हें 30 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है। इसके अलावा, समूह की कुछ महिलाएँ ग्राफिक एरा हॉस्पिटल के पास कैंटीन संचालित कर रही हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान दे रही हैं।
आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान ने महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण से अवगत कराया और उन्हें जागरूक किया। इस कार्यक्रम में बालाजी क्लस्टर की महिलाएँ, सखी समूह और ग्राम संगठन झाझरा की महिलाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख अल्पना रावत, बीडीसी मेम्बर सूरज चौधरी, आयोग के विधि अधिकारी दयाराम सिंह, उपनिरीक्षक स्वाति चमोली, संगीता मौर्य, एनआरएलएम से इंदर सिंह चौहान, नारायण तोमर, शानू रावत, अंजली, वीरेंद्र रावत और पूजा दास सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। इस तरह कार्यक्रम ने महिलाओं में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
