मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड ने राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर राज्य सरकार से सभी वन, पर्यावरण एवं वन्यजीव संबंधी वैधानिक स्वीकृतियों को सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि वह विकास कार्यों के विरोध में नहीं है, बल्कि संविधान और पर्यावरणीय कानूनों के अनुरूप पारदर्शी एवं संतुलित विकास की पक्षधर है।
शनिवार को देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में युवा प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु पुंडीर ने कहा कि वन भूमि का उपयोग सड़क निर्माण जैसे गैर-वानिकी कार्यों के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाओं के लिए वन स्वीकृति, पर्यावरणीय शर्तों का पालन तथा आवश्यक होने पर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड सहित संबंधित सक्षम प्राधिकरणों की अनुमति अनिवार्य होती है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या प्रस्तावित परियोजना के लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं। यदि हां, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
महानगर अध्यक्ष दीप्ति रावत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों में संरक्षित वन क्षेत्रों और राष्ट्रीय उद्यानों में विकास कार्यों के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के पालन पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि यह परियोजना संरक्षित क्षेत्र या उसके पारिस्थितिक तंत्र को प्रभावित करती है तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सभी संस्थागत अनुमोदन प्राप्त किए गए हैं या नहीं।
पार्टी ने कहा कि वन भूमि पर सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया में परियोजना प्रस्ताव, स्थल निरीक्षण, राज्य सरकार की संस्तुति, केंद्र सरकार की वन स्वीकृति, प्रतिपूरक वनीकरण, नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) का भुगतान तथा आवश्यक वन्यजीव संबंधी अनुमतियां शामिल होती हैं। इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना है।
आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि देहरादून-ऋषिकेश मार्ग का सात मोड़ क्षेत्र हाथियों, बाघों और अन्य वन्यजीवों के महत्वपूर्ण आवास एवं आवागमन गलियारों का हिस्सा है। ऐसे क्षेत्रों में सड़क परियोजनाओं के दौरान पर्यावरणीय प्रभावों का वैज्ञानिक आकलन, वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए अंडरपास एवं इको-डक्ट जैसी संरचनाओं का निर्माण तथा प्रभावी प्रतिपूरक वनीकरण आवश्यक है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय एवं कानूनी प्रश्न उठाने वाले उसके नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। पार्टी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को दबाया नहीं जाना चाहिए।
पार्टी ने राज्य सरकार से परियोजना से संबंधित सभी वैधानिक स्वीकृतियों को सार्वजनिक करने, पर्यावरणीय शर्तों के पालन की स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित करने तथा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरुद्ध हुई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रशेखर भट्ट, डीके पाल, अशोक सेमवाल, नसीर खान, विधानसभा अध्यक्ष राजीव तोमर, पूर्व संयुक्त सचिव श्यामलाल नाथ, शैलेश तिवारी, रेखा सिंह और गौरव खत्री सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
