मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने मदरसा बोर्ड को समाप्त करने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे मुस्लिम समाज के बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि मदरसा बोर्ड की मौजूदा व्यवस्था के कारण मुस्लिम समाज के बच्चों की आधुनिक शिक्षा और प्रतिस्पर्धी विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। अब समय आ गया है कि शिक्षा व्यवस्था को इस प्रकार विकसित किया जाए जिससे बच्चे धार्मिक और आधुनिक दोनों प्रकार की शिक्षा प्राप्त कर सकें।
शादाब शम्स ने नया शिक्षा मॉडल प्रस्तावित करते हुए कहा कि मदरसों में दिन के पहले सत्र (फर्स्ट हाफ) में उत्तराखंड बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुसार आधुनिक शिक्षा दी जाए, जबकि दूसरे सत्र (सेकंड हाफ) में दीन की तालीम कराई जाए। उनका मानना है कि इस व्यवस्था से छात्र धार्मिक मूल्यों के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य मुस्लिम बच्चों को केवल हाफिज-ए-कुरान बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने युवाओं से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के आदर्शों पर चलकर शिक्षा के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
शादाब शम्स ने विश्वास जताया कि नई शिक्षा व्यवस्था से मुस्लिम समाज के बच्चों को बेहतर अवसर मिलेंगे और वे धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक ज्ञान हासिल कर देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
