मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
डॉक्टर दिवस पर बुंदेलखंड से उठा हरित क्रांति का संदेश — पीपल मैन ने चिकित्सकों से किया “एक डॉक्टर, एक जीवन, एक पेड़” का आह्वान
उरई (जालौन)
विश्वभर में बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र के बीच डॉक्टर दिवस के अवसर पर बुंदेलखंड से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई। पीपल मैन डॉ. रघुराज प्रताप सिंह ने जालौन के प्रतिष्ठित चिकित्सकों से मुलाकात कर उन्हें पौधे भेंट किए और “एक डॉक्टर, एक जीवन, एक पेड़” अभियान का संदेश दिया।
इस अवसर पर जालौन के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अभय मिश्रा तथा मेडिकल कॉलेज, उरई के एम.एस. डॉ. सुनील कुमार को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में श्री जी मजेस्टी के एमडी सौरभ मिश्रा भी उपस्थित रहे।
डॉ. रघुराज प्रताप सिंह ने कहा कि धरती का बढ़ता तापमान केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य का भी सबसे बड़ा संकट बन चुका है। जिस प्रकार डॉक्टर अपने ज्ञान से जीवन बचाते हैं, उसी प्रकार एक वृक्ष आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बचाता है। इसलिए हर डॉक्टर, हर अस्पताल और हर नागरिक को वृक्षारोपण को सामाजिक दायित्व बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि दुनिया का प्रत्येक डॉक्टर अपने जीवन में कम से कम 100 पौधे लगाकर उनकी देखभाल का संकल्प ले, तो लाखों नए वृक्ष धरती को नई ऊर्जा और नई सांस देंगे।
पीपल मैन ने अपने “₹1 में एक पेड़ लगाओ” अभियान और विश्व स्तर पर 1 करोड़ वृक्ष लगाने के मिशन को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल भारत का नहीं, बल्कि पूरी मानवता का अभियान है। जलवायु परिवर्तन की चुनौती सीमाओं को नहीं पहचानती, इसलिए समाधान भी वैश्विक होना चाहिए।
उन्होंने विश्व के सभी डॉक्टरों, मेडिकल संस्थानों, सामाजिक संगठनों, उद्योगों, युवाओं और नीति-निर्माताओं से अपील की कि वे अपने प्रत्येक विशेष अवसर को “एक व्यक्ति–एक पेड़” के संकल्प से जोड़ें और पृथ्वी को हरा-भरा बनाने में योगदान दें।
संदेश:
“यदि आज हम पेड़ बचाएंगे, तो कल पेड़ हमारा भविष्य बचाएंगे।”

