मुस्लिम सेवा संगठन ने मदरसा बोर्ड समाप्त करने के निर्णय पर जताई गहरी चिंता, पुनर्विचार की मांग

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

मुस्लिम सेवा संगठन, देहरादून ने उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को समाप्त किए जाने के निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे शिक्षा एवं समाज से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय बताया है। संगठन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी, देहरादून के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।

संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि मदरसे केवल धार्मिक शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे नैतिक शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों के संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उनसे जुड़े परिवारों पर इस निर्णय का प्रभाव पड़ सकता है। यदि किसी संस्था में किसी प्रकार की कमी या अनियमितता है, तो उसका समाधान सुधारात्मक उपायों के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि पूरी व्यवस्था को समाप्त करके। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सभी संबंधित पक्षों से संवाद स्थापित कर निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।

संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और किसी भी निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे। उन्होंने अपील की कि मदरसों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा शिक्षा विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए।

मुस्लिम सेवा संगठन ने सरकार से मांग की है कि मदरसा बोर्ड को समाप्त करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए, यदि कहीं अनियमितताएं हैं तो उन्हें पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से दूर किया जाए तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

संगठन ने कहा कि वह संविधान एवं कानून के दायरे में रहकर शिक्षा और समाजहित से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से उठाता रहेगा।

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