मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति इन दिनों यूकेएसएसएससी पेपर लीक कांड को लेकर गरमा गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की घोषणा कर दी है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद विपक्ष ने इसे केवल “राजनीतिक कदम” बताते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
घोषणा के बाद आठ दिनों से धरने पर बैठे बेरोजगार युवाओं ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। युवाओं का कहना है कि वे अब सीबीआई जांच की औपचारिक शुरुआत का इंतजार करेंगे। लेकिन कांग्रेस का मानना है कि सरकार सिर्फ युवाओं को बहलाने की कोशिश कर रही है और हकीकत में जांच को टालने की रणनीति अपना रही है।
कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 3 अक्टूबर को सीएम आवास कूच करेगी। पार्टी का कहना है कि जब तक जांच की प्रक्रिया ठोस रूप से शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। पार्टी के नेताओं का आरोप है कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पेपर लीक मुद्दा आने वाले विधानसभा चुनावों तक बड़ा विषय बन सकता है। युवाओं की नाराज़गी और विपक्ष का दबाव दोनों ही सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। इस प्रकरण में पारदर्शी और तेज कार्रवाई न होने की स्थिति में सत्ताधारी दल को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अब सबकी नज़रें 3 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब कांग्रेस अपने बड़े विरोध प्रदर्शन के साथ सीएम आवास का घेराव करेगी। यह दिन तय करेगा कि सरकार विपक्ष को ठोस जवाब देती है या फिर उत्तराखंड की राजनीति में एक और संघर्ष की शुरुआत होती है।
