मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। 22 सितम्बर 2025 – उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को सहेजने के उद्देश्य से देहरादून के श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में भव्य रामलीला महोत्सव 2025 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आरंभ गढ़वाली लोकगायक रोहित चौहान के भावुक कर देने वाले गढ़वाली गीत से हुआ, जिसने दर्शकों को गढ़वाल की लोकसंस्कृति से गहराई से जोड़ दिया। वहीं इस बार का मुख्य आकर्षण रहा Laser और Sound Show, जो पहली बार उत्तराखंड के इतिहास में रामलीला मंचन का हिस्सा बना।
यह रामलीला महोत्सव “श्री रामकृष्ण लीला समिति टेहरी 1952 देहरादून” द्वारा आयोजित किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर ने बताया कि पुरानी टिहरी में 1952 से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला को टिहरी डूबने के बाद देहरादून में भव्य रूप से पुनर्जीवित किया गया। वर्ष 2024 में आयोजित रामलीला को 55 लाख से अधिक लोगों ने विभिन्न माध्यमों से देखा था, जबकि इस वर्ष Digital Live Telecast System के जरिए 75 लाख से अधिक दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य है।
पहले दिन की रामलीला में कैलाश लीला और राम–सीता जन्म का मंचन हुआ। मंचन के दौरान चौपाइयों, कथा, संवाद और नाट्य प्रस्तुति ने लोगों को पुरानी टिहरी की प्रसिद्ध रामलीला की याद दिला दी। दर्शकों ने हर दृश्य को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ देखा। Laser और Sound Show ने कथा को और भी भव्य और आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समिति ने बताया कि इस बार रामलीला महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें सांस्कृतिक समागम भी होगा। प्रदेशभर से आए कलाकार पारंपरिक भजन संध्या और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को अपनी कला से रूबरू कराएंगे। इसके साथ ही रामलीला परिसर में भव्य मेला, कलश यात्रा और 2 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतला दहन का आयोजन भी किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह में धर्मपुर विधायक विनोद चमोली और राजपुर रोड विधायक खजान दास ने भी शिरकत की। विधायक विनोद चमोली ने कहा कि टिहरी की प्राचीन रामलीला का पुनर्जीवित होना पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। उन्होंने समिति के प्रयासों की सराहना की और इसे गढ़वाल की सांस्कृतिक पहचान को संजोने वाला कदम बताया।
कार्यक्रम में रोहित चौहान के गीतों के साथ रणबीर पंवार और अन्य अतिथियों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी यादगार बना दिया। देहरादून की धरती पर इस ऐतिहासिक रामलीला का मंचन न केवल सनातन परंपराओं को जीवित रखेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगा।
