“करोड़ों खर्च कर बनी स्मार्ट सिटी पहली बरसात में हुई जलमग्न, भाजपा का स्मार्ट सिटी मॉडल एक्सपोज”: AAP

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून।

उत्तराखंड में भाजपा सरकार और नगर निगमों के “स्मार्ट सिटी” के दावे पहली ही बरसात में बह गए। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी सहित स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट वाले शहरों में सड़कें तालाब बन गईं, नाले उफान पर आ गए और घरों-दुकानों में पानी घुस गया।

आम आदमी पार्टी उत्तराखंड ने इसे “भाजपा के भ्रष्टाचार का स्मार्ट मॉडल” करार दिया है। पार्टी का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसे से सड़कों पर टाइलें तो लगा दी गईं, पर ड्रेनेज सिस्टम पर एक रुपया खर्च नहीं हुआ और जो खर्च हुआ वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

पहली बरसात में ही EC रोड, राजपुर रोड, प्रिंस चौक, घंटाघर पर 2-3 फीट पानी। स्मार्ट रोड पर बनी नालियां चोक हो गई और घंटों जाम के कारण वाहन रेंगते नजर आए। लाखों रुपए की लागत से लगे वाटर पंप पहली बरसात में ही जवाब दे गए।

प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना ने कहा कि “भाजपा ने स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ स्मार्ट भ्रष्टाचार किया है। ठेकेदारों-कमिश्नरों ने मिलकर जनता का पैसा लूटा। नालों की सफाई सिर्फ कागजों पर हुई। एक घंटे की बारिश ने 8 साल की डबल इंजन सरकार की पोल खोल कर रख दी है।”

AAP ने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बिना तकनीकी सर्वे के सड़कें ऊंची कर दी गईं, जिससे पुरानी कॉलोनियों का पानी घरों में घुस रहा है।

विपिन खन्ना ने कहा स्मार्ट सिटी के तहत पिछले 5 साल में हुए हर काम का ऑडिट कर रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए। जिन अधिकारियों व ठेकेदारों ने घटिया काम किया, उन पर FIR दर्ज कर रिकवरी की जाए।

जलभराव से जिन दुकानदारों व घरों को नुकसान हुआ, सरकार उन्हें मुआवजा दे।

सरकार IIT रुड़की से सर्वे कराकर शहर का वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान 30 दिन में लागू करे। प्रदेश में बन रही स्मार्ट सिटी में होने वाले हर कार्य की थर्ड पार्टी से गुणवत्ता जांच अनिवार्य हो।

विपिन खन्ना ने कहा की सरकार ने दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो AAP कार्यकर्ता जलभराव वाले इलाकों में “नाव प्रदर्शन” करेंगे और स्मार्ट सिटी दफ्तर का घेराव करेंगे।

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