मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। उत्तराखंड की हालिया आपदा से प्रभावित परिवारों के बीच जमीअत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड लगातार राहत और सेवा कार्यों में जुटी हुई है। संगठन ने सहस्त्रधारा के कार्लीगाड और मझाड़ा गांव में 70 परिवारों तथा एमडीडीए कॉलोनी में 200 परिवारों को राशन किट वितरित की। इसके साथ ही, प्रतिदिन करीब 1200 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान जमीअत उलेमा-ए-हिंद के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना हुसैन अहमद क़ासमी ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना। इस दौरान उन्होंने सेरा गांव, कार्लीगाड, मझाड़ा और एमडीडीए कॉलोनी का जायज़ा लिया। प्रभावितों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि जमीअत हर हाल में उनके साथ खड़ी है।
कार्लीगाड क्षेत्र में स्थानीय प्रधान राकेश की मौजूदगी में राहत सामग्री बांटी गई, जबकि एमडीडीए कॉलोनी में क़ाज़ी दारूल कज़ा मुफ्ति सलीम अहमद क़ासमी की देखरेख में 200 राशन किट वितरित की गईं। संगठन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जरूरतमंदों तक प्रतिदिन भोजन पहुंचता रहे।
इसके अलावा, आपदा में जिन परिवारों ने अपने घर खोए हैं, उन्हें भी जमीअत ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया। रिस्पना नदी की बाढ़ में एमडीडीए कॉलोनी के बिट्टू, इंद्रसेन, जफर और आसिफ के मकान पूरी तरह ढह गए थे। ऐसे परिवारों को जमीअत की ओर से राहत राशि दी गई।
प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली क़ासमी ने मृतक फरमान के परिजनों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही, जमीअत ने फरमान के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी ली है। यह कदम प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष मौलाना अब्दुल मन्नान क़ासमी, उपाध्यक्ष मौलाना रागिब मजाहिरी, शहर सदर मौलाना अयाज़़ अहमद सहित कई पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। संस्था के इस सेवा कार्य ने आपदा के बीच इंसानियत और भाईचारे का संदेश दिया है।
