स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा ऐलान, नई पार्टी का नाम व झंडा किया लॉन्च

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

समाजवादी पार्टी में उपेक्षा की बात कहकर राष्ट्रीय महासचिव के पद से इस्तीफा देने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य नई पार्टी का गठन करेंगे। इसके लिए उन्होंने नई पार्टी का नाम व झंडा लॉन्च कर दिया है। वह 22 फरवरी को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में रैली को संबोधित करेंगे। नई पार्टी का नाम राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी होगा। इसके झंडे में नीला, लाल और हरा रंग होगा। हालांकि, इस बीच सपा के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी उन्हें मनाने के लिए उनके घर पहुंच गए हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीते दिनों सपा में उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अखिलेश यादव को लिखे गए अपने पत्र में कहा था कि डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. राममनोहर लोहिया समेत सामाजिक न्याय के पक्षधर महापुरुषों ने 85 बनाम 15 का नारा दिया था। लेकिन, समाजवादी पार्टी इस नारे को लगातार निष्प्रभावी कर रही है।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बड़ी संख्या में प्रत्याशियों का पर्चा व सिंबल दाखिल होने के बाद अचानक प्रत्याशियों को बदला गया। इसके बावजूद वह पार्टी का जनाधार बढ़ाने में सफल रहे। विधानसभा के अंदर पार्टी को 45 से 110 पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा था कि जबसे मैं सपा में शामिल हुआ तब से ही पार्टी का जनाधार बढ़ाने की कोशिश की है।

इसी क्रम में मैंने आदिवासियों, दलितों व पिछड़ों को जो जाने-अनजाने भाजपा के मकड़जाल में फंसकर भाजपामय हो गए उनके सम्मान व स्वाभिमान को जगाकर व सावधान कर वापस लाने की कोशिश की। हालांकि, इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा था कि अब गेंद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पाले में है। इसके बाद उन्होंने पार्टी का एलान कर दिया।

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