सेलाकुई में एसी बनाने वाली कंपनी में एसआइबी की छापेमारी, पकड़ी गई करोड़ो की चोरी

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून: उत्तराखंड में तमाम फर्म और कंपनियां फर्जी खरीद के माध्यम से सरकार को इनपुट टैक्स क्रेडिट का चूना लगा रही हैं। सिर्फ बिल के आधार पर जो खरीद की जा रही है, उस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का लाभ अनुचित ढंग से लिया जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में राज्य कर (स्टेट जीएसटी) विभाग की एसआइबी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) ने औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में एसी बनाने वाली कंपनी पर छापा मारा। कर चोरी पकड़े जाने के बाद कंपनी ने मौके पर ही 1.85 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। जांच अभी जारी है। ऐसे में कर चोरी का आंकड़ा और ऊपर जा सकता है।

आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देश पर अपर आयुक्त (मुख्यालय) अनिल सिंह के मार्गदर्शन में एसआइबी ने एसी निर्माता कंपनी की रिटर्न का विश्लेषण किया था। जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद संयुक्त आयुक्त (एसआइबी/प्रशासन) अजय कुमार के नेतृत्व में 30 अफसरों की टीम ने कंपनी पर छापा मारा गया। पता चला कि फर्जी खरीद की पुष्टि के लिए कंपनी निरंतर ई-वे बिल बना रही थीं, लेकिन निर्धारित टोल प्लाजा से संबंधित वाहनों से आवागमन ही नहीं किया है।

 

इसी तरह माल की बिक्री भी दर्शाई जा रही थी। हालांकि, तमाम मौके पर खरीद-बिक्री सिर्फ कागजों पर थी और मंशा फर्जी ढंग से आइटीसी का लाभ प्राप्त करना था। विभाग के हाथ पर कर चोरी के पुख्ता प्रमाण हाथ लग गए तो कंपनी संचालकों ने भी अपनी गलती स्वीकार कर ली। किसी भी अग्रिम कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल 1.85 करोड़ रुपये भी जमा करा दिए गए।

 

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने अहम दस्तावेज और डेटा कब्जे में लिए। जिनका विश्लेषण कर स्पष्ट रूप से कर चोरी का आंकड़ा तय किया जाएगा। जिसकी वसूली अर्थदंड के साथ की जाएगी। छापा मारने वाली टीम में उपायुक्त सुरेश कुमार, निखिलेश श्रीवास्तव, योगेश मिश्रा, धर्मेंद्र राज चौहान, विजय कुमार, राज्य कर अधिकारी टीकाराम चन्याल, असद अहमद, यतीश सेमवाल समेत 30 अधिकारी शामिल रहे।

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