मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
लक्सर।
लक्सर क्षेत्र में महज 24 घंटे के भीतर फायरिंग की दो घटनाएं सामने आने से स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल है। एक घटना सोसाइटी रोड पर जबकि दूसरी लक्सरी गांव में हुई। लगातार हो रही इन वारदातों ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मामलों की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
पहला मामला देर रात सोसाइटी रोड, लक्सर का बताया जा रहा है जबकि दूसरा मामला लक्सरी गांव से सामने आया है। जहां एक परिवार ने चार लोगों पर तमंचे के बल पर धमकाने और फायरिंग करने का आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा दोनों मामलों की जांच की जा रही है।
घर में घुसकर धमकाने और फायरिंग का आरोप
लक्सरी गांव निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे गांव के ही समीर उर्फ आशु, अमिश, साहिल पुत्रगण रहीस तथा एक अज्ञात व्यक्ति उसके घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पहले से दर्ज कराई गई शिकायत वापस लेने के लिए परिवार पर दबाव बनाया।
पीड़ित के अनुसार जब उसके माता-पिता ने इसका विरोध किया तो आरोपितों ने अभद्र व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। विरोध बढ़ने पर आरोपितों ने घर के बाहर कई राउंड फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया। एक आरोपी धमकी देते हुए भी कह रहा है हमारे पास बहुत असलाह है।
पीड़ित का कहना है कि फायरिंग के दौरान परिवार के सदस्य किसी तरह अपनी जान बचाकर घर के भीतर छिप गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिवार भय के साए में जी रहा है।
पहले भी दी थी शिकायत
पीड़ित ने बताया कि उसने 29 मई को भी आरोपितों के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि कार्रवाई न होने के कारण आरोपितों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार परिवार पर दबाव बना रहे हैं।
पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, फायरिंग की निष्पक्ष जांच तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले में प्राप्त तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
