मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून, 22 सितंबर 2025 – उत्तर प्रदेश में हाल ही में एक कैंपस पर “I LOVE MOHAMMAD” लिखे जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब राजधानी देहरादून तक पहुँच गया है। इस मुद्दे पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर राज्यपाल उत्तराखंड को ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट कहा कि विरोध करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
समुदाय का कहना है कि “I LOVE MOHAMMAD” जैसे शब्द मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देते हैं। ऐसे में इस पर आपत्ति जताना और मुकदमे दर्ज करना सरासर गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि “PROPHET MOHAMMAD S.A.W.” लिखना अधिक उपयुक्त होता, लेकिन केवल इस आधार पर विवाद खड़ा करना समाज में नफ़रत फैलाने का प्रयास है।
मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि न सिर्फ़ दर्ज मुकदमे खारिज किए जाएँ, बल्कि जिन लोगों ने विरोध कर यह विवाद खड़ा किया और मुकदमे दर्ज करवाए हैं, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि इस प्रकार की घटनाएँ सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती हैं, जिनका उद्देश्य समाज में दरार पैदा करना है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और विविधता वाले देश में मोहब्बत और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। समुदाय ने साफ शब्दों में कहा कि चाहे जितने मुकदमे दर्ज हों, मुसलमान नबी-ए-पाक मोहम्मद साहब से अपनी मोहब्बत जताना कभी नहीं छोड़ेंगे।
राजधानी देहरादून के पुराने रोडवेज बस स्टैंड के पास मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में तख्तियाँ लेकर एकत्रित हुए। “I LOVE MOHAMMAD” लिखी तख्तियों के साथ लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना संदेश दिया और अल्लाह के रसूल के प्रति प्रेम का इज़हार किया।
इस मौके पर पुलिस भी मौजूद रही और पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। समुदाय का कहना है कि वे केवल नबी-ए-पाक से अपने प्रेम का संदेश देना चाहते थे और किसी भी प्रकार की अशांति उनका उद्देश्य नहीं है।
ज्ञापन जिला अधिकारी देहरादून के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा गया, ताकि यह मांग उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुँच सके और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
