उत्तराखंड के मशहूर हास्य कलाकार घनानंद का निधन, हर आंख हुई नम

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादूनः उत्तराखंड के प्रसिद्ध हास्य कलाकार घनानंद उर्फ घन्ना भाई का निधन हो गया है। उन्होंने देहरादून के श्री महंत इंद्रेश हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. बीते दिन तबीयत खराब होने पर उन्हें श्री महंत इंद्रेश हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था, जहां घनानंद को कई दिनों से वेंटिलेटर पर रखा गया था। वहीं उनके निधन की खबर से प्रशंसकों और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।

अस्पताल के पीआरओ भूपेन्द्र रतूड़ी ने उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकार घनानंद का कुछ देर पूर्व हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों की तरफ से उन्हें सीपीआर देने की कोशिश की गई, लेकिन वो रिवाइव नहीं कर पाए।

प्रसिद्ध हास्य कलाकार घनानंद उर्फ घन्ना भाई का दो माह पूर्व इंद्रेश हॉस्पिटल में उनका प्रोस्टेट का ऑपरेशन हुआ था। वहीं घनानंद को यूरिन में ब्लड आने के कारण हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। जांच में पता चला कि घनानंद की प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ी हुई था जिसके बाद उनका 5 नवंबर 2024 को ऑपरेशन कराया गया।

बताते चलें कि उत्तराखंड के मशहूर हास्य कलाकार घनानंद का जन्म गढ़वाल मंडल में साल 1953 में हुआ। घनानंद की कैंट बोर्ड लैंसडाउन जिला पौड़ी शिक्षा दीक्षा गढ़वाल हुई। उन्होंने साल 1970 में रामलीलाओं में हास्य कलाकार के रूप में सफर शुरू किया. साथ ही उन्होंने उत्तराखंड की कई फिल्मों में भी काम किया है। जिसमें घरजवैं, चक्रचाल, बेटी-ब्वारी, जीतू बगडवाल, सतमंगल्या, ब्वारी हो त यनि, घन्ना भाई एमबीबीएस, घन्ना गिरगिट और यमराज प्रमुख हैं।

घनानंद साल 1974 में रेडियो और बाद में दूरदर्शन में भी कई कार्यक्रम किए. यही नहीं उन्होंने राजनीति में भी किस्मत आजमाई और साल 2012 विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर पौड़ी विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरे। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.जिसके बाद वो चुनाव में भाजपा के लिए स्टार प्रचारक की भूमिका में उतरते रहे हैं।

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