उत्तराखंड: समान नागरिक संहिता के खिलाफ हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

Spread the love

मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून: उत्तराखंड में जहां समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किया गया तो वही इसके विरोध के स्वर भी बुलंद हो गए। यूसीसी के खिलाफ अब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिसे उच्च न्यायालय ने स्वीकार कर आज मामले की सुनवाई हुई।

बता दें कि यह याचिका मोहम्मद इकराम बसेड़ी ने दाखिल की है। उन्होंने याचिका में कहा कि UCC के प्रावधान संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और यह मुस्लिम शरीयत के खिलाफ भी है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को पूरी तरह से लागू किया है। इसके बाद अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने को लेकर बहस तेज हो गई है। उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद UCC के खिलाफ महत्वपूर्ण कानूनी चुनौती है, जो राज्य और देशभर में चर्चा का विषय बन गई है।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने भी उत्तराखंड सरकार के UCC के विरोध में कोर्ट जाने की बात कही थी । उनका कहा था कि वे शरीयत के खिलाफ कोई भी कानून स्वीकार नहीं करेंगे।

196 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *