मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून – आखिरकार छात्रों का छह माह लम्बा संघर्ष रंग लाया ! राज्यपाल महोदय द्वारा उत्तराखंड तकनीकी विश्विद्यालय के विवादित कुलपति डॉ. ओमकार यादव की जगह राष्ट्रीय विद्युत् प्रशिक्षण प्रतिष्ठान, फरीदाबाद की महानिदेशक डॉ. तृप्ता ठाकुर को उत्तराखंड तकनीकी विश्विद्यालय की नई कुलपति नियुक्त कर दिया गया है !
छात्र संघ अध्यक्ष ने इस अवसर पर सम्पूर्ण संघर्ष रत छात्र शक्ति तथा सभी मीडिया बंधुओं का दिल से धन्यवाद किया है ! उन्होंने कहा कि छात्र प्रतिनिधिमंडल जल्द नए कुलपति का अभिनन्दन करेगा एवं छात्रों की समस्याओ से अवगत कराएगा ! साथ ही उन्होंने मांग कि परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी. के पटेल को भी तुरंत बर्खास्त किया जाये एवं विश्विद्यालय के 8 करोड रु के घालमेल की रिकवरी के लिए डॉ. ओमकार सिंह एवं संलिप्त अधिकारिओ के विरुद्ध जाँच को तेजी से आगे बढ़ाया जाये एवं इ.डी की भी मदद ली जाए !
वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्विद्यालय में चल रहे फ़र्ज़ी डिग्री जाँच प्रकरण, भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनिमिताओ की शिकायतो को लेकर डी.ए.वी. छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल के नेतृत्व में छात्र पिछले छह माह से सड़को पर आंदोलनरत थे ! गौरतलब हो कि, हाल ही में तकनीकी शिक्षा सचिव की जांच के दौरान विश्वविद्यालय में सॉफ्टवेयर विकास के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था । विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने लखनऊ स्थित एक कंपनी के साथ अनुबंध करके एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) और यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम (UMS) सॉफ्टवेयर का निर्माण कराया।
विश्वविद्यालय में सॉफ्टवेयर विकास के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच के लिए बीते 5 मई को पांच सदस्यीय कमेटी गठित किए जाने का निर्णय लिया गया। जांच समिति गठन करने के बाद समिति को 15 दिनों का समय भी दिया गया था। 9 दिन बाद यानी 14 मई को IAS नितिका खंडेलवाल को निदेशक ITDA के पद से हटा दिया गया। इसके बाद यह जांच फिलहाल लटकती हुई नजर आ रही है।
छह माह से सरकार केवल खाना पूर्ति एवं आश्वासन तक ही सीमित है ! परन्तु आज नए कुलपति की नियुक्ति से छात्रों में खुसी की लहर दौड़ गयी ! अब बाकी संलिप्त अधिकारिओ के विरुद्ध भी आंदोलन जारी रहेगा ! इस दौरान सौरभ सेमवाल, स्वयं रावत, दक्ष रावत, मंथन, आकाश, आर्यन, नितिन, आदि कई एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
