मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादूनः उत्तराखंड की फिजा को खराब करने की कोशिश लगातार की जा रही है। सांप्रदायिक रंग देने और माहौल बिगाड़ने की कोशिशे प्रदेश में हो रही है। एक के बाद एक इस तरह के मामले सामने आ रहे है जो चिंता का विषय है। देहरादून रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार रात को दो पक्षों में हुए बवाल के बाद आज शुक्रवार को भी हंगामा जारी रहा।
पूरा पलटन बाजार कराया गया बंद
बताया जा रहा है कि पथराव करने को लेकर पुलिस द्वारा हिंदूवादी संगठन के नेता विकास वर्मा को हिरासत में लेने के बाद तनाव बढ़ गया। पूरा पलटन बाजार बंद करा दिया गया। वहीं व्यापारियों ने यहां घंटाघट पर हनुमान चालीसा पाठ शुरू कर दिया। घंटाघर पर इस प्रदर्शन करने के कारण जाम की स्थिति बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कुछ घंटों बाद बजरंग दल के अध्यक्ष विकास वर्मा को रिहा किया. जिसके बाद मामला शांत हुआ। तो वहीं मुस्लिम कॉलोनी के पार्षद सहित अन्य लोगों को भी रिहा किया गया। वहीं डीएम ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
हिरासत में लिए गए बजरंग दल अध्यक्ष विकास वर्मा और पार्षद रिहा
बता दें इससे पहले प्रदर्शन कर रहे हिंदू कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। हिंदू कार्यकर्ताओं ने एसएसपी को हटाए जाने की मांग कर रहे थे। हालात को देखते हुए मौके पर एसपी देहात समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस द्वारा हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया. काफी देर तक जमकर हंगामा हुआ। जिसके बाद उन्हें रिहा किया। विकास वर्मा के रिहा होने पर दूसरे पक्ष के लोगों को भी रिहा करने की मांग की गई।
पुलिस से निष्पक्ष कार्यवाही की मांग, खुफिया एजेंसी फेलः धस्माना
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने मामले में पुलिस से निष्पक्ष कार्यवाही करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब विकास वर्मा को छोड़ा जा रहा है तो दूसरे पक्ष को पुलिस किस वजह से हिरासत में रख सकती है। जिसके बाद पुलिस ने मामले में हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा कर दिया गया। कांग्रेस नेता ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि सरकार की खुफिया एजेंसी फेल है। सरकार सिर्फ हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करना चाहती है। हम प्रदेश की आबोहवा खराब नहीं होने देना चाहते।
जानें किस पर मुकदमा दर्ज और क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन के बाहर हुए हंगामे और तोड़फोड़ में विकास वर्मा सहित 30 से 35 नामज़द और 150 अज्ञात के ख़िलाफ़ कोतवाली मुकदमा दर्ज कराया गया है। बताया जा रहा है कि यहां बदायूं निवासी समुदाय विशेष की एक किशोरी देहरादून में अपने प्रेमी से मिलने पहुंची थी। बताया गया कि अजय सिंह, निवासी दातागंज, बदायूं यहां सेलाकुई में नौकरी करता है, उससे मिलने आई किशोरी भी दातागंज की ही है। वह बिना बताए घर से आई थी, स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज है। शाम के समय किशोरी ने रेलवे स्टेशन पर प्रेमी को बुलाया तो इसकी भनक दोनों समुदाय के लोगों को लग गई। पहले स्टेशन पर एक समुदाय के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। तो दूसरे समुदाय के लोग भी एकत्र होना शुरू गए।
पथराव से मची अफरा-तफरी, तोड़ी गाड़ियां
दोनों पक्षों के बीच में तनातनी होने लगी। इसी दौरान एक पक्ष के कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे रेलवे रेलवे स्टेशन के बाहर अफरा-तफरी मच गई। उपद्रवियों ने पुलिस के सामने भी जमकर पथराव किया और पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे खुद को बचाया।
