भैरव सेना” संगठन ने किया “पंचगव्य शुद्धिकरण” अभियान यात्रा का शुभारंभ

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून में ऐतिहासिक गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर “भैरव सेना” संगठन ने शनिवार को वैदिक परंपरानुसार हवन-पूजन कर पंचम “पंचगव्य शुद्धिकरण” अभियान यात्रा का शुभारंभ किया। जिसमें की 31 सदस्य दल को प्रदेश अध्यक्षा अनीता थापा के नेतृत्व में 6 दिवस की यात्रा के लिए राज्य आंदोलनकारी सैन्य शिरोमणि मनोज ध्यानी, वरिष्ठ समाजसेवी राकेश पंडित तथा टिहरी राजवंश के ठाकुर भवानी प्रताप सिंह पंवार ने भगवा ध्वज देकर रवाना किया।

भैरव सेना के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने का कि संगठन द्वारा पिछले चार वर्षों में चार सफल “पंचगव्य शुद्धिकरण” यात्राओं का आयोजन किया जा चुका है। संगठन का तर्क है कि जब वेटिकन सिटी में गैर-ईसाई प्रतिबंधित हैं, मक्का-मदीना में गैर-मुस्लिम प्रतिबंधित हैं, तो हिंदुओं के बड़े तीर्थ धाम क्षेत्रों में भी गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होना चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड इस समय धार्मिक अतिक्रमण एवं घुसपैठ से आहत है, जिसके लिए संगठन द्वारा “पंचगव्य शुद्धिकरण” अभियान यात्रा का आह्वान किया गया।

संगठन की निरंतर रूप से यही मांग है कि तीर्थ क्षेत्र में बिना पंचगव्य आचमन के कोई भी व्यक्ति प्रवेश न कर पाए, जो सनातनी मान-बिंदुओं और सनातन धर्म में आस्था रखेगा वह “पंचगव्य” का आचमन बिना किसी विरोधाभास के स्वेच्छापूर्वक करेगा। परंतु जो सिर्फ देवभूमि में अराजकता, धार्मिक घुसपैठ, व्यापारिक घुसपैठ तथा पर्यटन के उद्देश्य से तीर्थ क्षेत्र को दूषित करने के उद्देश्य से आएगा वह कभी भी पंचगव्य का आचमन नहीं करेगा।

पंचगव्य के आचमन के शासनादेश से देवभूमि के सनातनी शास्त्र, संस्कृति और पौराणिक परंपराएं तो संरक्षित होंगी ही साथ ही पंचगव्य प्राप्त होने के लिए गोवंश संरक्षण के साथ क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे। गढ़वाल संभाग अध्यक्ष कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि देवभूमि नाम से प्रतीत होता है कि यह हिंदू बाहुल्य प्रदेश है अतः पंचगव्य आचमन अनिवार्य करने की मांग यहां पर लागू होनी ही चाहिए।

प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक करण शर्मा ने कहा की भैरव सेना संगठन देवभूमि उत्तराखंड में धार्मिक घुसपैठ को रोकने के लिए “तीर्थ बचाओ अभियान” के अंतर्गत कई प्रकार के अभियान चल रहे हैं। जिसमें “पंचगव्य शुद्धिकरण” अभियान प्रमुख रूप से है, इसके अलावा संगठन तीर्थ सुधार नियमावली 1924 को भी लागू करवाने के लिए भी संकल्पबद्ध है।

देहरादून के जिला अध्यक्ष गणेश जोशी ने कहा कि संगठन द्वारा आयोजित पंचगव्य यात्रा का प्रथम पड़ाव यमुनोत्री धाम, द्वितीय पड़ाव गंगोत्री धाम, तृतीय पड़ाव रुद्रप्रयाग, चतुर्थ पड़ाव श्री केदारनाथ, पंचम पड़ाव श्री बद्रीनाथ तथा षष्ठम समापन पड़ाव त्रिवेणी घाट में रहेगा। अभियान यात्रा में उपरोक्त वक्ताओं सहित मुख्य रूप से कार्यकारी जिला अध्यक्ष सुनीता थापा, गीता बिष्ट, अन्नु राजपूत, अमन, संजय पंवार, चतुरानंद मलेथा सहित दर्जनों सदस्य उपस्थित रहे।

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