भैरव सेना संगठन कर रहा पंचगव्य यात्रा की तैयारी, बैठक में हुई इन मुद्दों पर बात

Spread the love

मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

पंचगव्य यात्रा की तैयारी को लेकर भैरव सेना संगठन के द्वारा आज गढ़ीकेन्ट क्षेत्र में संगठन की प्रदेश अध्यक्षा अनीता थापा की अध्यक्षता में जन जागरण बैठक रखी गई। जिसमें संगठन के जनपद देहरादून से संबंधित पदाधिकारियों सहित क्षेत्र के ज्येष्ठ-श्रेष्ठ सनातन धर्म अनुसरणकर्ताओं ने उपस्थिति दर्ज कराकर पंचगव्य शुद्धिकरण अभियान यात्रा के सफल आयोजन पर रूपरेखात्मक विचार रखे।

संगठन के केंद्रीय संदीप खत्री ने बताया की “तीर्थ बचाओ अभियान” के अंतर्गत देवभूमि उत्तराखंड से संचालित पंजीकृत संगठन “भैरव सेना” द्वारा पिछले 4 वर्षों से 7 दिवसीय “पंचगव्य शुद्धिकरण अभियान” यात्रा ग्रीष्मकालीन कपाट खुलने से दो सप्ताह पूर्व संपन्न की जाती है। जिसके अंतर्गत गौ-गंगा-गायत्री तथा सनातनी मान बिन्दुओं के संरक्षण के विषयगत पंचगव्य आचमन के शासनादेश की अनिवार्यता तथा तीर्थ सुधार नियमावली 1924 को लागू करने की मांग की जा रही है।

संगठन के प्रदेश प्रभारी अनिल थपलियाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा की तीर्थधाम एवम मठ मंदिरों में मर्यादित वस्त्रों में ही प्रवेश की अनुमति हो। देवभूमि तीर्थ क्षेत्र राज्य होने के कारण तीर्थ क्षेत्र में शासन द्वारा श्रद्धालुगणों हेतू सभी मूलभूत व्यवस्थाओं की पूर्ति हो। परन्तु मंदिर प्रांगण में परम्परागत रूप से संचालन कर रहे राजवंश, पंडा-पुरोहित तथा हक-हकूकधारीयों के अधिकारों में हस्तक्षेप ना हो।

संगठन के केंद्रीय सचिव संजय पंवार ने कहा की तीर्थधाम एवम मठ-मंदिरों की भूमियों तथा संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमणों को जो कि राज्य एवम राज्य के बाहर अन्य प्रदेशों में भी है को अल्पकालिक नोटिस पर सख्ती से हटाया जाय तथा उन संपत्तियों को धार्मिक प्रक्रिया में सर्वजन हितार्थ लाया जाए। युवा मोर्चा अध्यक्ष करण शर्मा ने आक्रोशित होकर मांग की कि तीर्थधाम तथा मठ-मंदिरों की आय को धार्मिक गतिविधियों अथवा आवश्यकता पड़ने पर शिक्षा-स्वास्थ्य इत्यादि कार्य में ही खर्च किया जाये।

संगठन की प्रदेश अध्यक्षा अनिता थापा ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के सभी तीर्थधाम एवं मठ मंदिरों में “वेटिकन सिटी” ईसाइयों के मुख्य धार्मिक स्थल तथा “मक्का-मदीना” इस्लाम के अनुसरणकर्ताओं का मुख्य धार्मिक स्थल की तर्ज पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए। और यदि अन्य संप्रदाय के सनातन धर्म में आस्थावान व्यक्ति प्रवेश करता भी है तो सर्वप्रथम पंचगव्य आचमन तथा सनातनी मान-बिन्दुओं का पालन करेगा का शपथ-पत्र जारी करने का कानूनी नियम बनाया जाये। कार्यक्रम में उपरोक्त वक्ताओं सहित सतीश जोशी, गणेश जोशी, काजल चौहान, सुनीता थापा, रीमा सिंह, गीता हेमंत सकलानी हिमांशु भट्ट इत्यादि उपस्थित रहे।

270 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *