मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
ऋषिकेश: रघुराज पीपल मैन फाउंडेशन एवं पीजी कॉलेज अमरोहा के संयुक्त तत्वावधान में रघुराज पीपल मैन रिसर्च समिति द्वारा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं शोध-पत्र वाचन का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय “पर्यावरणीय मुद्दे और उसका सतत विकास” था।
संगोष्ठी में देश-विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के कई विद्वानों ने भाग लिया। शोधार्थी अंकित तिवारी ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर शोध पत्र वाचन किया। इस दौरान उन्हें रघुराम पीपल मैन फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण रत्न अवार्ड 2024 से भी सम्मानित किया गया।
तिवारी को यह पुरस्कार उनके पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया। उन्होंने अपने शोध पत्र में पर्यावरणीय मुद्दों और सतत विकास के बीच संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय मुद्दे आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं। इन मुद्दों का समाधान सतत विकास के माध्यम से ही संभव है।
यह पहली बार नहीं है जब अंकित को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। 2016 में उन्हें समाचार लेखन कला के लिए डोईवाला कॉलेज में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी विजेता का पुरस्कार भी दिया गया था। 2019 में उन्हें समर्पण सोशल रेस्पोंसिबिलिटी अवार्ड 2019 के लिए भी नामित किया गया था।
इस संगोष्ठी के मुख्य अतिथि पदमश्री भारत भूषण त्यागी और पदमश्री उमा शंकर पाण्डेय थे। उन्होंने अपने उद्बोधन में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारा सामूहिक दायित्व है। हमें सभी मिलकर पर्यावरण को बचाने के लिए प्रयास करने होंगे।
यह संगोष्ठी पर्यावरणीय मुद्दों और सतत विकास पर जागरूकता बढ़ाने में सफल रही। इस संगोष्ठी के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
