मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून मारपीट मामला: क्लेमेंटाउन थाने में शिकायत, युवक गंभीर घायल
देहरादून के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के सुभाषनगर इलाके से एक युवक के साथ कथित मारपीट और जबरन समझौता कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक विवेक चौधरी (गुज्जर), जो कि एक किसान परिवार से है, की एक वर्ष पूर्व देहरादून से पढ़ाई पूरी हो चुकी है और वह इन दिनों अपने बैक पेपर की परीक्षाएं दे रहा था।
बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब विवेक एक संस्थान से डिनर कर अपने कमरे की ओर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में कुछ युवकों ने उसे रोका और नाम पूछने के बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित के अनुसार, हमलावर नशे की हालत में थे और उन्होंने धारदार हथियार से भी कई वार किए। हमले में विवेक के सिर, हाथ और पीठ सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
मामले में कुछ स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं। आरोप है कि हमले के बाद पीड़ित को पुलिस के पास ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी बात नहीं सुनी गई और उस पर समझौते का दबाव बनाया गया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि शुरुआत में पुलिस ने शिकायत की रिसीविंग देने से भी इनकार कर दिया था। बाद में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं द्वारा दबाव बनाए जाने के बाद ही क्लेमेंटाउन थाने में शिकायत दर्ज कर उसकी रिसीविंग दी गई।
इसके साथ ही यह भी आरोप लगाए गए हैं कि कुछ प्रभावशाली लोग पीड़ित पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। मामले में जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें श्याम पंत, कुलदीप पंत, हर्ष वालिया और अमित गोली शामिल बताए जा रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि ये लोग घटना के बाद भी पुलिस पर प्रभाव डालने और मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस या संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।
