मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
आज उत्तराखंड क्रान्ति दल महानगर देहरादून द्वारा देश के प्रधानमंत्री से मिलने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।
इस उद्देश्य से सभी केंद्रीय पदाधिकारी एवं महानगर के कार्यकर्ता MDDA कार्यालय के समीप एकत्रित हुए, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रूप से शासन-प्रशासन द्वारा सभी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर नेहरू कॉलोनी थाने ले जाया गया।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष प्रवीण रमोला ने कहा कि हमारा उद्देश्य स्पष्ट था—हम उत्तराखंड के ज्वलंत मुद्दों से प्रधानमंत्री को अवगत कराना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे गंभीर मामले पर आज तक प्रधानमंत्री जी का एक शब्द न बोलना अत्यंत पीड़ादायक है। साथ ही धामी सरकार द्वारा देवभूमि में जिस प्रकार शराब को बढ़ावा दिया जा रहा है, वह समझ से परे है—क्या यही विकास है?
केंद्रीय महामंत्री राजेन्द्र बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड में माफियाओं का बढ़ता हुआ प्रभाव इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं उन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
केन्द्रीय महामंत्री किरण रावत ने कहा कि जो सरकार “बेटी बचाओ” का नारा देती है, उसी के शासन में बेटियों की अस्मिता पर लगातार हमला हो रहा है—इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है?
केन्द्रीय महामंत्री बृजमोहन सजवाण ने कहा कि जिस प्रकार खनन माफिया उत्तराखंड की नदियों और पहाड़ों का अंधाधुंध दोहन कर रहे हैं, वह अत्यंत चिंताजनक है।
उत्तराखंड की नदियाँ और पहाड़ किसी की लूट का मैदान नहीं हैं—इन्हें बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
हम इन सभी ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री जी से मिलना चाहते थे, लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करते हुए हमें रोका गया।
अब सवाल जनता पूछ रही है:
भ्रष्टाचार पर कब लगेगा लगाम, या यही चलता रहेगा?
सख्त भू-कानून कब लागू होगा? हमारी जमीन कब सुरक्षित होगी?
शिक्षा और स्वास्थ्य कब मजबूत होंगे, या यूं ही बदहाल रहेंगे?
पलायन से उजड़ते गांव कब बसेंगे? ठोस नीति कब आएगी?
अंकिता भंडारी को न्याय कब मिलेगा?
माफियाओं को खुली छूट क्यों?
देवभूमि में शराब को बढ़ावा—क्या यही विकास है?
स्पष्ट चेतावनी:
नदियों और पहाड़ों का अंधाधुंध दोहन बंद करो — यह देवभूमि है, लूट का मैदान नहीं!
उत्तराखंड को लूटना बंद करो!
बेटियों को न्याय दो!
माफिया राज खत्म करो!
उत्तराखंड की आवाज दबेगी नहीं — संघर्ष जारी रहेगा!
इस दौरान महानगर संगठन मंत्री कपिल कुमार, महामंत्री निशिथ मनराल, राजीव नौटियाल, सुमित डंगवाल, गजेंद्र नेगी, राकेश ध्यानी, रमा चौहान, राजेश्वरी रावत, हीरा सिंह, किशोर बहुगुणा, जीतेन्द्र, मनोज भट्ट, राम भट्ट, अनीता चंद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
