महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में भैरव सेना की हुंकार, ‘रोजगार घर के द्वार’ योजना का लिया संकल्प

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

नारी शक्ति पर बढ़ते अत्याचारों के विरुद्ध भैरव सेना की ‘हुंकार’; महिला दिवस पर सशक्तिकरण एवं ‘रोजगार घर के द्वार’ योजना का संकल्प।

देहरादून।

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में भैरव सेना संगठन की महिला इकाई ‘देवभूमि भैरव वाहिनी’ द्वारा हरिद्वार बाईपास रोड स्थित संगठन कार्यालय में एक विशेष “महिला सशक्तिकरण एवं चिंतन सम्मेलन” आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हाल ही में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ी जघन्य घटनाओं और समाज में व्याप्त कुरीतियों पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।

दमनकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने का आह्वान

सम्मेलन के दौरान संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने वर्तमान परिदृश्य पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “आज हमारी बहन-बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। लव-जिहाद, धर्मांतरण और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं देवभूमि की मर्यादा को चुनौती दे रही हैं। केवल दिवस मनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए धरातल पर कड़े संघर्ष और आत्मरक्षा की आवश्यकता है।” खत्री ने आगे बताया कि भैरव सेना द्वारा संचालित ‘कौशल-निपुण केंद्र’ के माध्यम से महिलाओं को न केवल हुनरमंद बनाया जा रहा है, बल्कि उन्हें वैचारिक रूप से भी सशक्त किया जा रहा है ताकि वे शोषण का डटकर मुकाबला कर सकें।

स्वरोजगार के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण

महानगर अध्यक्ष नीलम राणा ने जानकारी दी कि संगठन के निःशुल्क प्रशिक्षण केंद्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु निम्नलिखित तकनीकी एवं रचनात्मक कोर्स कराए जा रहे हैं:

तकनीकी: कंप्यूटर कोर्स, फैशन डिजाइनिंग एवं एम्ब्रॉयडरी।

सौंदर्य एवं स्वरोजगार: ब्यूटीशियन, नेल आर्ट, मेहंदी एवं मेकअप आर्टिस्ट।

‘रोजगार घर के द्वार’ योजना

सम्मेलन की अध्यक्षता कर रही जिला संयोजिका नेहा भंडारी ने बताया कि प्रशिक्षण के उपरांत ‘रोजगार घर के द्वार’ योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जाएगा। कार्यक्रम का सफल संयोजन कल्पना भंडारी, गौरी कोठियाल, निकिता सेमवाल एवं गीता नौटियाल ने किया, जबकि व्यवस्था की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष संजीव टांक ने संभाली।

सम्मान एवं सेवा कार्य

इस अवसर पर संगठन द्वारा सभी उपस्थित महिलाओं को वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, संगठन की महिला प्रतिनिधियों ने सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए आस-पड़ोस की बस्तियों में जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क वस्त्र वितरित किए।

सम्मेलन के समापन पर सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि भैरव सेना महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर शासन तक अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

प्रमुख उपस्थिति: राहूल पंवार, तन्नु, शशि आनंद, जूली, शिवांशी, गरिमा, गीता, पूनम बहुगुणा, अर्पिता, पूजा, करिश्मा रावत, अनिता सिंह एवं अन्य निष्ठावान कार्यकर्ता।

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