देहरादून को असुरक्षित बताने पर विवाद – महिला आयोग ने पीवैल्यू एनालेटिक्स को दिया नोटिस, रिसर्च टीम और एमडी को अगली सुनवाई में तलब

Spread the love

मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने राष्ट्रीय वार्षिक रिपोर्ट और सूचकांक (एनएआरआई) 2025 को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। पीवैल्यू एनालेटिक्स कम्पनी की रिपोर्ट में देहरादून को महिलाओं के लिए असुरक्षित शहर दिखाए जाने पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है।

8 सितंबर 2025 को आयोग में हुई सुनवाई में कंपनी के प्रतिनिधि मयंक ढय्या उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि यह केवल एकेडमिक रिपोर्ट है और इसका उद्देश्य किसी शहर की छवि खराब करना नहीं था। हालांकि, आयोग की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब वह नहीं दे पाए।

महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने इस पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि कंपनी के प्रतिनिधि के पास पर्याप्त जानकारी नहीं थी। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 सितंबर को अगली सुनवाई में कंपनी के प्रबंध निदेशक और पूरी रिसर्च टीम को आयोग के सामने पेश होना होगा। साथ ही वार्षिक रिपोर्ट, सर्वे के सभी दस्तावेज, मिनट्स ऑफ मीटिंग और सर्वे से जुड़े सभी सवाल-जवाब एक सप्ताह में आयोग को उपलब्ध कराने होंगे।

कुसुम कण्डवाल ने कहा कि रिपोर्ट में कई खामियां मिली हैं। सर्वे में किन महिलाओं को शामिल किया गया, उनसे कौन-कौन से सवाल पूछे गए और सर्वे का तरीका क्या था – यह सब स्पष्ट नहीं है। यहां तक कि कई रिसर्च पैरामीटर भी अधूरे पाए गए हैं।

महिला आयोग ने साफ किया है कि अगर कंपनी की तरफ से संतोषजनक जवाब और सभी दस्तावेज पेश नहीं किए गए तो आयोग सख्त कार्रवाई करेगा।

94 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *