बावड़ी मंदिर फर्जीवाड़ा प्रकरण में प्रतिष्ठा सेवा समिति ट्रस्ट ने इन पर लगाए गंभीर आरोप, की ये मांग

Spread the love

मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादूनः बावड़ी मंदिर, विकासनगर में चल रहे फर्जीवाड़े के प्रकरण में प्रतिष्ठा सेवा समिति ट्रस्ट आदि ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मंदिर महंत स्वामी जयानंद भारती द्वारा सौंपे गए पूजा-पाठन के अधिकार के अंतर्गत ट्रस्ट के अध्यक्ष गिरीश डालाकोटी, प्रवीण शर्मा, अंशुल शर्मा, विपिन पंवार, चंद्रशेखर, शुभम सकलानी, प्रदीप, डॉक्टर दीपक और रमेश ने आरोप लगाया है कि अवैध और अपंजीकृत समिति, जिसकी अध्यक्षता  रविंद्र चौहान कर रहे हैं,  उन्हें धमकियां दी हैं।

धमकियों में कहा गया है कि यदि प्रतिष्ठा सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष  गिरीश डालाकोटी और  प्रवीण शर्मा बावड़ी प्रकरण से पीछे नहीं हटे, तो उन्हें SC/ST एक्ट में फंसाने, कूटरचित आरोपों में 36 मुकदमे दर्ज कराने और जान से मारने की धमकी दी गई है।

इस प्रकरण में आज प्रतिष्ठा सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष गिरीश डालाकोटी, प्रवीण शर्मा, अंशुल शर्मा और अन्य सनातनी लोग थाना विकासनगर में थाना प्रभारी के समक्ष उपस्थित हुए और थाना परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। वे न्याय की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन से अनुरोध है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया जाए। अवैध अपंजीकृत समिति के सेवक (सुरेश,विपिन और उसकी पत्नी) को मंदिर परिसर से हटाया जाए, क्युकी फर्जी समिति उन्हें मोहरों की तरह इस्तेमाल करती है।
इसके साथ ही, महंत स्वामी जयानंद भारती जी के निर्देशानुसार मंदिर परिसर में सेवक नियुक्त किए जाएं, ताकि मंदिर की पवित्रता और सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

201 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *