अधिवक्ताओं के चैम्बर निर्माण के लिए बार एसोसिएशन का बड़ा कदम, जल्द शुरू होगा निर्माण

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

लंबे समय से चली आ रही अधिवक्ताओं की चैंबर निर्माण की मांग पर कैबिनेट में अंतिम मुहर लगने के बाद ही अब इस पर कार्रवाई शुरू हो गई । न्याय विभाग द्वारा अधिवक्ताओं के चैम्बर निर्माण हेतु जो भूमि बार एसोसिएशन देहरादून को दी गई थी उसका आज ज़िला जज प्रदीप पंत व बार एसोसिएशन देहरादून अध्यक्ष द्वारा Lease Deed निस्पादित हो गई है।

धामी कैबिनेट ने अधिवक्ताओं के चेंबरों के लिए पुरानी जेल में पांच बीघा जमीन को लीज पर दिए जाने का निर्णय लिया था। यह लीज 30 साल के लिए एक रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से होगी। कैबिनेट के इस फैसले पर बार एसोसिशन ने भी आभार व्यक्त किया। जिसके बाद अब बार एसोसिएशन ने इस पर काम शुरू कर दिया है।

बार एसोसिएशन देहरादून सचिव राजबीर सिंह बिष्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि न्याय विभाग द्वारा अधिवक्ताओं के चैम्बर निर्माण हेतु जो भूमि बार एसोसिएशन देहरादून को दी गई थी उसका माननीय ज़िला जज प्रदीप पंत  व बार एसोसिएशन देहरादून अध्यक्ष द्वारा Lease Deed निस्पादित हो गई है।जल्द ही बार एसोसिएशन देहरादून अपने अधिवक्ताओं के लिए राज्य सरकार के सहयोग से चैम्बरों का निर्माण शुरू करवायेगी। ताकी बार एसोसिएशन देहरादून के सभी सम्मानित अधिवक्ताओं को अपना चैम्बर मिल सके।

गौरतलब है कि अधिवक्ता बीते करीब 15 साल से पुरानी जेल परिसर में चेंबरों के निर्माण के लिए भूमि की मांग कर रहे थे। नया न्यायालय परिसर भी इसी पुरानी जेल परिसर में ही बन रहा है। कई बार इस जमीन में से पांच बीघा जमीन को अधिवक्ताओं के पक्ष में करने पर सहमति बनी मगर अंतिम निर्णय नहीं हो सका था। पिछले साल सरकार ने इस जमीन बार एसोसिएशन के पक्ष में करने का फैसला लिया था। इस प्रस्ताव को भी बुधवार को कैबिनेट की बैठक में रखा गया था।

 

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