मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून।
निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया से 21 देहरादून कैंट विधानसभा के 48 हजार से अधिक मतदाताओं के मताधिकार पर संकट: :आम आदमी पार्टी
देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाई जा रही प्रक्रिया और मतदाता सूचियों के आंकड़ों में भारी विसंगति का गंभीर मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी के देहरादून कैंट विधानसभा प्रभारी एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष शरद जैन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस वर्तमान प्रक्रिया के कारण कैंट विधानसभा के 48,231 मतदाता अपना वोट देने का अधिकार खो सकते हैं।
उत्तराखंड प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह चिंताजनक स्थिति स्पष्ट हुई है:
चुनाव आयोग की अधिकृत सूची में दर्शाए गए आकड़ों के आधार पर उन्होंने कहा कि 2022 विधानसभा चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या1,37,994 थी और वर्तमान सूची में दर्शाए गए कुल मतदाता: 89,763 है। जिससे सीधे तौर पर प्रभावित 48,231 मतदाता गायब है।
अब गंभीर सवाल ये है कि: पिछले 2022 विधानसभा चुनाव की तुलना में वर्तमान आंकड़ों के अनुसार 48,231 मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने चिन्ता जाहिर करते हुए कहा कि वर्तमान ASD (Absentee, Shifted, Dead) मतदाता: 29,685 है।
ASD जोड़ने के बाद की स्थिति: यदि निर्वाचन आयोग द्वारा दर्शाए गए 29,685 ASD मतदाताओं को भी वर्तमान संख्या (89,763) में जोड़ दिया जाए, तब भी कुल आंकड़ा केवल 1,19,448 ही पहुँचता है।
इस प्रक्रिया से कैंट विधानसभा के मतदाताओं का वास्तविक नुकसान तो हो ही रहा है,इसके बावजूद भी 18,546 मतदाता मतदाता सूची से पूरी तरह गायब हैं और उनके मताधिकार पर सीधा खतरा बना हुआ है।
इन सबके बावजूद भी निर्वाचन आयोग जनता को नहीं बता रहा है कि आखिरकार उनका वोट किस आधार पर काटा गया
कोषाध्यक्ष शरद जैन ने कहा आम आदमी पार्टी मांग करती है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन आयोग इस गंभीर विसंगति का तत्काल संज्ञान लें। मतदाता सूची के शुद्धिकरण के नाम पर आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकार को न छीना जाए और देहरादून कैंट के प्रत्येक वैध नागरिक का नाम मतदाता सूची में पुनः सुनिश्चित किया जाए।
