बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में सिर्फ निजी सचिव प्रमोद नौटियाल पर कार्रवाई सरकार की औपचारिकता मात्र – AAP

Spread the love

मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून: बद्रीनाथ धाम में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण में सरकार द्वारा केवल निजी सचिव प्रमोद नौटियाल पर कार्रवाई करने को आम आदमी पार्टी ने “लीपापोती” कर मात्र एक कर्मचारी को “बलि का बकरा” बनाकर जनता का ध्यान भटकाना करार दिया है।

प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि सरकार पूरे प्रकरण को एक व्यक्ति पर डालकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। करोड़ों के चढ़ावे की सुरक्षा, दानपात्रों की निगरानी और बीकेटीसी व्यवस्था सीधे सरकार के अधीन है। सिर्फ एक निजी सचिव को निलंबित करके सरकार असली दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

प्रदेश अध्यक्षा सिसोदिया ने मीडिया में बयान देते हुए कहा कि “ये चोरी एक दिन में नहीं हुई। दानपात्र के ताले, CCTV, पुलिस ड्यूटी और बीकेटीसी के अधिकारी – ये सब सिस्टम का हिस्सा हैं। अगर चोरी हुई है तो जिम्मेदारी सिर्फ निजी सचिव की नहीं, मंदिर समिति, DM, मन्दिर समिति CEO और मंत्री तक की तय होनी चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया की सरकार ने जांच के नाम पर खानापूर्ति की है। SIT नहीं बनाई, FIR नहीं हुई, सिर्फ विभागीय कार्रवाई कर मामले को दबाया जा रहा है। 3 साल में बद्रीनाथ में कितना चढ़ावा आया, कहां खर्च हुआ, इसका ऑडिट आज तक सार्वजनिक नहीं हुआ।

VIP मूवमेंट के लिए पुलिस पर लाखों रुपए सरकार खर्च करती है, पर भगवान के दानपात्र की सुरक्षा नहीं कर पाई।
उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार धामों को कॉरिडोर के नाम पर प्राइवेट हाथों में देना चाहती है। पहले लूट होगी, फिर ठेका निजी कंपनी को देंगे। ये सोची-समझी साजिश है।”

AAP ने सरकार से मांग की पूरे प्रकरण की उच्च न्यायालय की निगरानी में SIT जांच हो। बीकेटीसी बोर्ड के CEO, मंदिर अधिकारी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों पर FIR दर्ज हो।

41 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *