मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। हाल ही में आई आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए मुस्लिम सेवा संगठन, जमीयत उलेमा-ए-हिंद और एपीजे अब्दुल कलाम संस्थान ने संयुक्त राहत अभियान शुरू किया है। इस टीम ने विशेष रूप से पंचपुरी, सूरज मोहल्ला और एमडीडीए कॉलोनी का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को नज़दीक से समझा।
संयुक्त राहत दल ने ज़रूरतमंदों को भोजन, कपड़े और दवाइयाँ वितरित कीं। वहीं प्रभावित क्षेत्रों से गंदगी और मलबा हटाने के लिए मुस्लिम सेवा संगठन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विकास संस्था के कार्यकर्ताओं ने मशीनों की मदद से सफाई अभियान चलाया। बीमार, वृद्ध और छोटे बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य सहायता एवं परामर्श की व्यवस्था भी की गई।
संगठनों ने घोषणा की है कि आगामी दिनों में राहत शिविर लगाए जाएंगे। इनमें नियमित भोजन वितरण, दवाइयाँ और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, बच्चों और महिलाओं की विशेष देखभाल तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की योजनाएँ शामिल होंगी।
मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा, “आपदा किसी एक समुदाय की समस्या नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत की साझा चुनौती है। ऐसे समय में एक-दूसरे का साथ देना ही हमारी असली पहचान है। मुस्लिम सेवा संगठन हमेशा हर जरूरतमंद तक पहुँचेगा, चाहे वह किसी भी धर्म या समाज से हो।”
संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने भी कहा कि यह समय इंसानियत और भाईचारे के साथ खड़े होने का है। हमारी पूरी कोशिश है कि कोई भी परिवार इस कठिन समय में अकेला महसूस न करे।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम संस्थान के सचिव ज़ाकिर अंसारी ने प्रशासन और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे आगे बढ़कर आपदा पीड़ित परिवारों की मदद करें और मिलकर इस संकट की घड़ी को पार करें।
