मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
विद्युत क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को 16 से 31 मई 2025 तक मनाए गए स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के दौरान उसकी अनुकरणीय पहल और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया । विद्युत मंत्रालय, श्रम शक्ति भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में, भारत सरकार के सचिव (विद्युत), श्री पंकज अग्रवाल (आईएएस) ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री आर. के. विश्नोई को यह सम्मान प्रदान किया। यह कार्यक्रम विद्युत मंत्रालय द्वारा जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया।
यह सम्मान टीएचडीसीआईएल द्वारा अपनी सभी परियोजनाओं और इकाइयों में स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के दौरान किए गए उत्कृष्ट प्रयासों और प्रभावशाली पहलों को उजागर करता है। इस कार्यक्रम के दौरान विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अपर सचिव श्री पीयूष सिंह (आईएएस), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव डॉ. डी साई बाबा, श्री बलवंत सिंह, प्रबंधक (सीएमडी, सचिवालय), टीएचडीसीआईएल के साथ-साथ विद्युत मंत्रालय और टीएचडीसीआईएल के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के दौरान टीएचडीसीआईएल ने अपनी परियोजनाओं और इकाइयों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कई नवीन और प्रभावशाली गतिविधियाँ शुरू कीं। संगठन ने टाउनशिप, परियोजना स्थलों और आस-पास के गाँवों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाए, साथ ही प्लास्टिक-मुक्ति अभियान और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए। स्कूलों और स्थानीय समुदायों को नुक्कड़ नाटकों, चित्रकला प्रतियोगिताओं और स्वच्छता शपथ ग्रहण समारोहों के माध्यम से सक्रिय रूप से शामिल किया गया, जिससे जन भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा मिला। वृक्षारोपण अभियान ने हरियाली को और बढ़ावा दिया, जबकि रचनात्मक पहल “कचरे से खजाना” ने पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग पर जोर दिया, जिससे कचरे को मूल्यवान संसाधनों में बदला जा सके। इन प्रयासों को व्यापक सोशल मीडिया अभियानों द्वारा संपूरित किया गया, जिससे व्यापक पहुँच और दृश्यता सुनिश्चित हुई।
सभी गतिविधियों को स्वच्छता समीक्षा पोर्टल पर मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार व्यवस्थित रूप से रिपोर्ट किया गया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई।
