हेलीकॉप्टर हादसे पर उक्रांद का तीखा हमला—सरकार को यात्रियों की नहीं, कंपनियों के मुनाफे की चिंता!

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

हेलीकॉप्टर हादसे पर उक्रांद का तीखा हमला—सरकार को यात्रियों की नहीं, कंपनियों के मुनाफे की चिंता!

सुरेंद्र कुकरेती का सवाल—खराब मौसम में उड़ान की अनुमति क्यों? यात्रियों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं।

देहरादून। चमोली जनपद के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में चाईं गांव के ऊपर बद्रीनाथ से सहस्त्रधारा आ रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पर उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सुरेंद्र कुकरेती ने गहरा शोक व्यक्त किया है। हेलीकॉप्टर में पायलट सहित छह लोग सवार बताए गए हैं। हादसे में सभी की मृत्यु की आशंका के बीच राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में मौसम लगातार खराब था, तो हेलीकॉप्टर उड़ान की अनुमति किस आधार पर दी गई? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को यात्रियों की सुरक्षा से ज्यादा हेलीकॉप्टर कंपनियों के मुनाफे की चिंता है। यदि मौसम उड़ान के अनुकूल नहीं था, तो उड़ान रोकने का निर्णय क्यों नहीं लिया गया?

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन के नाम पर यात्रियों की जान जोखिम में डालना बेहद गंभीर विषय है। क्या सरकार के लिए इंसानी जिंदगी से ज्यादा कंपनियों का कारोबार महत्वपूर्ण हो गया है? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उड़ान से पहले मौसम और सुरक्षा मानकों का आकलन किया गया था या नहीं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित विमानन प्राधिकरणों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कुकरेती ने दुर्घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, उड़ान की अनुमति देने से लेकर सुरक्षा मानकों के पालन तक प्रत्येक पहलू की जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम के दौरान हवाई सेवाओं के संचालन पर सख्त निगरानी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

उन्होंने उत्तराखंड क्रांति दल की चमोली एवं रुद्रप्रयाग जिला इकाइयों को राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासन का हरसंभव सहयोग करने के निर्देश दिए।

केंद्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि सरकार को समझना होगा कि यात्रियों की जान किसी कंपनी के मुनाफे से बढ़कर है। उत्तराखंड की जनता और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई है, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए।

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