शादी विवाह,पार्टी, जन्मदिन समारोह व किसी भी प्रकार के प्रोग्राम के लिए चौधरी फॉर्म हाउस आपका स्वागत करता है

अमर रेस्टोरेंट की ओर सभी क्षेत्रवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

न्यू Era एकेडमी में एडमिशन हेतु जल्दी संपर्क करें

मोहित अग्रवाल की ओर से सभी प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

आशा नौटियाल की ओर सभी प्रदेशवासियों को होली एवं नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

यमुना एसोसिएट की ओर से सभी को होली व ईद की हार्दिक शुभकामनाएं

संजय कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य की ओर से सभी देश व प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

पार्षद अभिषेक पंत की ओर से सभी प्रदेशवासियों को होली व नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

जिला अध्यक्ष मीता सिंह की ओर से सभी प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

सुमित चौधरी नगर पंचायत अध्यक्ष सेलाकुई की और से सभी नगर एवं प्रदेशवासियों को होली नवरात्रि व बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं

सामाजिक कार्यकर्ता, सतपाल सिंह बुटोला की ओर के सभी क्षेतवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

पार्षद, संजय सिंघल की ओर से सभी प्रदेशवासियों को होली एवं बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं

पार्षद, जाहिद अंसारी की ओर से सभी क्षेत्र वासियों को ईद_उल_ फितर बहुत-बहुत मुबारक

आज राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने आयोग के कार्यलय से, कल विधानसभा सदन उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता बहुमत से पारित होने पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि मैं आभार व्यक्त करती हूं राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का तथा केंद्रीय नेतृत्व का जिनके मार्गदर्शन में यूसीसी लागू किया गया।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने इस अवसर पर सदन के समस्त सदस्यों तथा उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता का आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए गौरवान्वित करने वाला ऐतिहासिक पल है हमारा राज्य देश पहला राज्य है जहां से समान नागरिकता कानून को मंजूरी मिली है। यह कानून महिलाओं को कुरीतियों और रूढ़वादी प्रथा से दूर करते हुए सर्वांगीण में उनके लिए सहायक सिद्ध होगा तथा राज्य की महिलाओं की सुरक्षा, महिलाहित व महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनोखी मिसाल कायम करेगा ।
यह कानून प्रदेश के हर नागरिकों को समान अधिकार देने के साथ साथ मातृशक्ति को न्याय ही नहीं अपितु नई ताकत देने का काम भी करेगा। उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग स्वयं यूसीसी की पक्षधर रहा है। इसी लिए आयोग द्वारा महिला सुरक्षा, लिव इन रिलेशनशिप, बहुविवाह, तलाक इत्यादि विषयों को लेकर अनेको उपाय दिए गए थे जिन्हें यूसीसी में स्थान मिला है। इसके माध्यम से महिलाओं के अधिकारों पूर्ण दर्जा दिया जाएगा चाहे वह किसी भी वर्ग की हों या किसी भी धर्म की हो।