मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
“धरती रो रही है… अब इंसान को फैसला करना होगा कि विकास चाहिए या विनाश।” : पीपल मैन डॉ सिंह की अपील
अब भी नहीं जागे, तो पृथ्वी पर सबसे बड़ा विनाश इंसान का होगा।”
प्रकृति बचाइए, भविष्य बचाइए
देशवासियों से जागरूक बनने की भावुक अपील
देश के कई राज्यों में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और प्राकृतिक आपदाओं ने अनेक हँसती-खेलती ज़िंदगियों को हमसे छीन लिया। कहीं परिवार उजड़ गए, कहीं लोगों की वर्षों की मेहनत पलभर में समाप्त हो गई। इन घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। लगातार बदलता मौसम, बढ़ती गर्मी, जल संकट और प्राकृतिक आपदाएँ यह स्पष्ट संकेत दे रही हैं कि प्रकृति अब मानव द्वारा किए जा रहे अत्याचारों को सहन नहीं कर पा रही है।
पर्यावरणविद एवं समाजसेवी पीपल मैन ऑफ़ इंडिया डॉ . रघुराज प्रताप सिंह ने देशवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि प्रत्येक नागरिक जागरूक बने और प्रकृति संरक्षण को अपना राष्ट्रीय कर्तव्य समझे।
उन्होंने हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं और आंधी-तूफान में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि —
“जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके दुःख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। मेरी गहरी संवेदनाएँ उन सभी परिवारों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में साहस एवं शक्ति दें। यह घटनाएँ केवल दुःख नहीं, बल्कि मानव समाज के लिए एक चेतावनी भी हैं।”
उन्होंने कहा कि लगातार हो रही पेड़ों की कटाई, बढ़ता प्रदूषण, जल स्रोतों का विनाश और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन मानवता के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं ने कई स्थानों पर व्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार की पोल भी खोल दी, लेकिन अब केवल चर्चा करने का समय नहीं है, बल्कि एकजुट होकर प्रकृति को बचाने का समय है।
उन्होंने कहा कि यदि मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखना है, तो आज से ही संकल्प लेना होगा कि एक भी पेड़ अनावश्यक रूप से नहीं काटा जाएगा। यदि कहीं भी अवैध रूप से पेड़ों की कटाई होती दिखाई दे, तो आम जनता प्रशासन की सहायता लेकर उसे तत्काल प्रभाव से रुकवाने का प्रयास करे।
उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों, संस्थानों और प्रशासन से मिलकर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा —
“प्रकृति केवल धरती नहीं, हमारी माँ है।
जब पेड़ कटते हैं, तब केवल लकड़ी नहीं गिरती,
बल्कि मानवता का भविष्य भी कमजोर हो जाता है।
यदि आज हम नहीं जागे,
तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी माफ नहीं करेंगी।”
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएँ और उसकी रक्षा अपने परिवार के सदस्य की तरह करें।
जारीकर्ता:
रघुराज पीपल मैन फाउंडेशन
