सपा के 23 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से प्रदेश सचिव रूही अंजुम बाहर, सियासी गलियारों में उठे सवाल

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

रिपोर्ट जगदीप सिंह /इरशाद खान

सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को लेकर नई चर्चा छिड़ गई है। प्रशासन से मिलने जा रहे सपा के पैनल में सदस्यों की संख्या 17 से बढ़ाकर 23 कर दी गई है, लेकिन इस बढ़ी हुई लिस्ट में भी प्रदेश सचिव रूही अंजुम का नाम शामिल न होना चर्चा का विषय बन गया है।

सूत्रों के मुताबिक सपा ने कल जिला प्रशासन से मुलाकात के लिए पहले 17 लोगों का पैनल तैयार किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 23 कर दिया गया। इसमें वरिष्ठ नेताओं के साथ कई स्थानीय चेहरों को भी जोड़ा गया है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल महिला प्रतिनिधित्व को लेकर उठ रहा है। महिला सशक्तिकरण और आधी आबादी की बात करने वाली सपा के इस अहम प्रतिनिधिमंडल में संगठन की प्रमुख महिला पदाधिकारी रूही अंजुम को जगह नहीं मिली।

राजनीतिक हलकों में दो बड़े सवाल:

1. जब पैनल का दायरा 17 से 23 तक बढ़ाया गया, तो संगठन में सक्रिय प्रदेश सचिव स्तर की महिला नेता को क्यों नहीं शामिल किया गया?

2. क्या प्रतिनिधिमंडल के चयन में संगठनात्मक सक्रियता के बजाय कोई अन्य समीकरण हावी रहा?

हालांकि पार्टी की ओर से रूही अंजुम को शामिल न करने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन कलेक्ट्रेट मस्जिद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सपा के इस फैसले को लेकर कार्यकर्ताओं में भी सुगबुगाहट तेज है।

बताया जा रहा है कि यह प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से मिलकर पूरे ध्वस्तीकरण प्रकरण की रिपोर्ट पार्टी आलाकमान को सौंपेगा।

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा 05-09-2026 को जिलाधिकारी सहारनपुर को पत्र भेजा गया है।

विषय: “समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का प्रतिनिधि मंडल 06 सितम्बर 2026 को जनपद सहारनपुर कलेक्ट्रेट में 119 साल पुरानी मस्जिद के विध्वंस की स्थिति रिपोर्ट के लिए भेजा जा रहा है।”

कलेक्ट्रेट को 05-09-2026 को सुबह के अंकों में बुलडोजर द्वारा ढहा दिया गया।

पहले 17 लोगों का पैनल था, जिसे बढ़ाकर अब 23 सदस्यीय कर दिया गया है।

23 सदस्यीय फाइनल लिस्ट – दिनांक 06-09-2026

कार्यालय – सपा
1. उमर बिहारी यादव – नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद उ.प्र.
2. चौधरी अब्दुल वाहिद – विधायक
3. हाजी नसीर कुरैशी –
4. इमरान मसूद – सांसद
5. कुंवर इकबाल
6. चौधरी महेंद्र – राष्ट्रीय महासचिव समाजवादी पार्टी
7. हाजी फजलुर्रहमान – पूर्व सांसद
8. अतुल प्रधान – विधायक
9. आशु मलिक – विधायक
10. उमर अली – विधायक
11. रफीक अंसारी – विधायक
12. किरण पाल कश्यप – एमएलसी
13. सरफराज अली – पूर्व विधायक
14. राहुल भारती – राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ
15. आशीष अग्रवाल – पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री
16. सीमा चौधरी – जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी युवजन सभा

और अन्य जिला व महानगर के पदाधिकारी।

सबसे बड़ा सवाल जो आपके पत्र से साबित होता है –

आपकी बात 100% सही है। इस 23 लोगों की आधिकारिक लिस्ट में भी प्रदेश सचिव रूही अंजुम का नाम नहीं है।

जब 119 साल पुरानी मस्जिद का मामला है और पार्टी महिला सशक्तिकरण की बात करती है, तो 17 से 23 तक पैनल बढ़ाने के बाद भी एक सक्रिय महिला प्रदेश सचिव को जगह न देना, पार्टी के अंदर ही सवाल खड़े कर रहा है।

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