शहदात को सलाम! बहरोड़ में शहीद नितीश कुमार यादव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

शनिवार को जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में शहीद हुए कोटपूतली के जवान नीतीश कुमार का सोमवार को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया है. 2 साल के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी. लांस नायक नीतीश कुमार की अंतिम यात्रा के दौरान युवाओं ने 3 किमी की तिरंगा यात्रा निकाली. इस दौरान राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेड़म ने शहीद नीतीश को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. कोटपूतली के नीतीश कुमार के साथ बांदीपोरा में सेना की गाड़ी के हादसे में नागौर के हरिराम भी शहीद हुए थे.

बांदीपोरा में 13 आरआर बटालियन में तैनात थे नीतीश

सोमवार को ही शहीद जवानों का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया गया. बहरोड़ के रिवाली गांव के निवासी नीतीश कुमार (29) सुरेंद्र यादव के पुत्र हैं. वह श्रीनगर के बांदीपोरा जिले में 13 आरआर बटालियन में तैनात थे. घर पर नीतीश का पार्थिव शरीर जब पहुंचा तो बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए. अंतिम यात्रा में युवाओं व ग्रामीणों द्वारा तिरंगा बाईक रैली निकाली गई. इस दौरान देशभक्ति के गीतों से पूरा गांव गूंज उठा. ग्रामीणों ने गमगीन माहौल में नीतीश को अंतिम विदाई दी।

पार्थिव शरीर देखकर शहीद नीतीश की मां किरोसता देवी फूट फूट कर रोने लगी और बेहोश हो गई. पिता भी अपने आंसू छिपा नहीं सके. पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा. नीतीश के मासूम बेटे को तो समझ तक नहीं थी कि उसके पिता के साथ आखिर हुआ क्या हैं? नीतीश कुमार की अंतिम यात्रा में हर किसी की आंखें नम नज़र आ रही थी. शाम करीब 5:30 बजे नीतीश कुमार का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. 2 वर्षीय मासूम बेटे ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी.

नीतीश कुमार जून 2018 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वह अभी लांस नायक के पद पर तैनात थे. सरपंच राजकुमार यादव उर्फ टिंकू ने बताया कि शहीद नीतीश की मौसम खराब होने से पार्थिव देह सोमवार को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा उनके पैतृक गांव रिवाली लाई गई. हाल ही में नीतीश के घर में एक पुत्र का जन्म हुआ था, जिससे परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन शहादत की खबर सुनते ही पूरा गांव शोक में डूब गया.

बता दें कि भतीजे नीतीश कुमार के शहीद होने की खबर चाचा अजीत सिंह यादव गांव पहुंचे थे. अजीत सिंह यादव CRPF में गुड़गांव कादरपुर में SI थे. जानकारी के अनुसार, बहरोड़ के गांव रिवाली के रहने वाले सीआरपीएफ में एसआई अजीत सिंह यादव पुत्र श्रद्धानंद रविवार को अलसुबह छत पर दातुन करते हुए टहल रहे थे. इसी दौरान उन्हें उल्टी आई और वे छत पर बने छज्जे से नीचे गिर गए. आनन फानन में परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जहां रविवार को हो उनका अंतिम संस्कार किया गया.

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