मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
फर्जी खादिमों पर दरगाह प्रशासन के दावों पर उठे सवाल
दरगाह कर्मचारी ओर पीआरडी जवानों की मौजूदगी में कथित फर्जी खादिम जायरीनों से करा रहे चादरपोशी और सलाम, वीडियो सामने आने के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल
पिरान कलियर।
रिपोर्ट: शाहनवाज खान
विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक पिरान कलियर में कथित फर्जी खादिमों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दरगाह प्रशासन की ओर से समय-समय पर अनधिकृत रूप से खादिम बनकर घूमने वालों पर रोक लगाने और कार्रवाई किए जाने की बात कही जाती रही है, लेकिन सामने आए एक वीडियो ने इन दावों की निगरानी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है।
मामले से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दरगाह कर्मचारी की मौजूदगी में कुछ लोग कथित तौर पर खुद को खादिम बताते हुए जायरीनों से चादरपोशी और सलाम कराते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि दरगाह परिसर में फर्जी या अनधिकृत खादिमों पर निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था है, तो ऐसी गतिविधियां कथित तौर पर परिसर में कैसे जारी हैं?
जायरीनों को कौन करा रहा धार्मिक रस्में?
आरोप है कि कुछ लोग दरगाह परिसर में खुद को खादिम बताकर बाहर से आने वाले जायरीनों को अपने साथ ले जाते हैं और उनसे चादरपोशी व सलाम जैसी धार्मिक रस्में कराते हैं। यदि ये लोग अधिकृत नहीं हैं, तो यह व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, यदि ये लोग अधिकृत खादिम हैं तो प्रशासन को उनकी अधिकृत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि जायरीनों के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे।
देश-विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह साबिर पाक पहुंचते हैं। ऐसे में उनके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि दरगाह परिसर में कौन अधिकृत रूप से खादिम के तौर पर सेवा कर रहा है और कौन नहीं।
वीडियो की जांच और पहचान की मांग
स्थानीय लोगों और जायरीनों ने सामने आए वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वे दरगाह प्रशासन से अधिकृत हैं या नहीं।
इसके साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे दरगाह कर्मचारी की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है। यदि कर्मचारी की मौजूदगी में अनधिकृत लोग जायरीनों से धार्मिक रस्में करा रहे थे, तो यह भी जांच का विषय है कि उन्हें परिसर में ऐसा करने से क्यों नहीं रोका गया।
प्रशासन के दावों और जमीनी तस्वीर में कितना अंतर?
फर्जी खादिमों पर कार्रवाई और रोक लगाने के दरगाह प्रशासन के दावों के बीच सामने आया यह वीडियो अब कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या दरगाह परिसर में अधिकृत खादिमों की पहचान के लिए पर्याप्त व्यवस्था है? क्या जायरीनों को यह जानकारी दी जाती है कि वे किसे अधिकृत खादिम मानें? और यदि अनधिकृत लोग परिसर में सक्रिय हैं, तो उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई?
इन सवालों का जवाब दरगाह प्रशासन की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
अब कार्रवाई पर टिकी निगाहें
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और जायरीनों की निगाहें अब दरगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जरूरत इस बात की है कि वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका की जांच कर स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जाए।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—यदि दरगाह प्रशासन फर्जी खादिमों पर रोक लगाने का दावा करता है, तो दरगाह परिसर में कथित तौर पर इस तरह की गतिविधियां कैसे जारी हैं?
जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोग वास्तव में अधिकृत खादिम हैं या बिना अनुमति के खादिम बनकर जायरीनों से धार्मिक रस्में करा रहे थे।
