मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
आज उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के एक शिष्टमंडल ने देहरादून स्थित हर्रावाला में उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय पहुँचकर धरने पर बैठे BAMS के छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष प्रबीन रमोला ने कहा कि “यह केवल कुछ छात्रों की समस्या नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की पूरी शिक्षा व्यवस्था पर लगा एक गंभीर कलंक है। पाँच से छह वर्ष तक कठिन परिश्रम कर अंतिम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र आज भी अपने परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा में धरने पर बैठने को विवश हैं। यह किसी भी संवेदनशील सरकार और शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति है। जिन युवाओं को आज आयुर्वेदिक चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करनी चाहिए थी, वे अपने ही अधिकारों के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को यह बताना होगा कि आखिर इन विद्यार्थियों का कसूर क्या है
उन्होंने आगे कहा कि “यह भी किसी से छिपा नहीं है कि प्रदेश के कई निजी आयुर्वेदिक कॉलेज ऐसे हैं, जिनका संबंध भाजपा और कांग्रेस से जुड़े प्रभावशाली लोगों से बताया जाता है। यदि इन संस्थानों से जुड़े छात्रों का भविष्य वर्षों तक अधर में लटका रहता है, तो सरकार का दायित्व है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराए और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी राजनीतिक प्रभाव, संस्थागत लापरवाही या प्रशासनिक उदासीनता के कारण किसी छात्र का भविष्य बर्बाद न हो। शिक्षा का मंदिर राजनीति और संरक्षणवाद का केंद्र नहीं बनना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि “यदि किसी छात्र का भविष्य प्रशासनिक लापरवाही, उदासीनता या मिलीभगत की भेंट चढ़ता है, तो इसकी नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।”
केंद्रीय महामंत्री राजेन्द्र बिष्ट ने कहा कि छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित कॉलेज प्रबंधन पर मानसिक उत्पीड़न, दुर्व्यवहार तथा अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यदि इन आरोपों में सत्यता है तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
उत्तराखण्ड क्रान्ति दल राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करता है कि 2019 बैच सहित सभी प्रभावित विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम तत्काल घोषित किए जाएँ, उनकी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा इस पूरे प्रकरण में दोषी अधिकारियों एवं संबंधित संस्थानों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
यदि शीघ्र ही छात्रों की न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो उत्तराखण्ड क्रान्ति दल विद्यार्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर महानगर संगठन सचिव अनूप बिष्ट, केंद्रीय प्रवक्ता अंकित भंडारी, प्रेम पडियार सहित उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
